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भव्य सनातन धर्म संवाद कार्यक्रम में गूंजा एकता का संदेश, गोविंद दास महाराज ने अनुपस्थिति पर मांगी क्षमा

बस्ती। 29 मार्च को राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में सनातन धर्म संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शंकराचार्य अतिमुकेश्वरानंद सरस्वती का गरिमामय आगमन हुआ, जिनका श्रद्धालुओं और आयोजकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार, सामाजिक समरसता और एकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने समाज में बढ़ती विघटनकारी प्रवृत्तियों पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।

हालांकि, इस महत्वपूर्ण आयोजन में पैड़ा वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध गोविंद दास महाराज जी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके। उनकी अनुपस्थिति को लेकर श्रद्धालुओं में थोड़ी निराशा देखी गई, लेकिन उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से सभी से क्षमा याचना की। उन्होंने बताया कि प्रत्येक रविवार को पैड़ा धाम में उनका नियमित दरबार लगता है, जिसमें दूर-दूर से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी कारण वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।

गोविंद दास महाराज ने अपने संदेश में कहा कि वे सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए सदैव समर्पित हैं और आगे भी इसी दिशा में कार्य करते रहेंगे। उन्होंने समाज को जागरूक करते हुए कहा कि कुछ अराजक तत्व जाति के नाम पर हिंदू समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। ऐसे प्रयासों को किसी भी स्थिति में सफल नहीं होने देना चाहिए।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और समाज के लोगों से अपील की कि वे एकजुट होकर सनातन धर्म की रक्षा करें और उसके मूल्यों को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दें। कार्यक्रम का समापन धार्मिक अनुष्ठानों और आशीर्वचन के साथ हुआ, जिससे उपस्थित जनसमूह में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।