Monday, April 15, 2024
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उमरिया गांव में सरकारी योजनाओं में बंदरबांट के खिलाफ लामबंद हुए ग्रामीण

बस्ती। बहादुपुर विकास खण्ड के उमरिया ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं व भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीण सुधा पाण्डेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत किया था।
ग्रामीणों ने शिकायत करते हुए कहा की भ्रष्टाचार को लेकर सेक्रेटरी और बीडीओ से कई बार शिकायत कि गयी लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। नीचले स्तर पर न्याय न मिलने पर ग्रामवासी सुधा पांडेय के नेतृत्व में जिलाधिकारी और सीडीओ को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की । दिये गये शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने सरकारी पैसे को लेकर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कहा की मौके पर जांच टीम भेज कर उक्त आरोपों की पड़ताल कराके दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि दर्जनों की संख्या में शौचालय अधूरे पड़े है।

प्रधान पैसा निकलवाकर यह कह कर ले लेते है की मै शौचालय बनवा दुंगा लेकिन एक भी शौचालय पूरा नहीं बना है पहली किस्त का ही काम होता है दूसरी किस्त प्रधान ले लेते है। पूरा ना होने से शौचालय अनुपयोगी साबित हो रहे है।
यही हाल प्रधानमंत्री आवास योजना का है । अपने चहेतों को पात्रता के बिना ही आवास बांट रखा है और पात्रों को कोई आवास नहीं मिला है। लोग झोपड़ियों में रहने को मजबूर है। आवास के नाम पर मिला पैसा भी प्रधान हड़प जाते है। महिला ज्ञानमती को आवास के नाम पर मात्र 40000 हजार रूपए ही मिले ,महिला का आरोप है कि बाकी पैसे प्रधान ने नहीं दिए और बताया की इतना ही मिलेगा ।
ग्रामीणों का कहना है कि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सड़क और खडंजा के नाम पर धन निकाला गया है लेकिन कही भी खडंजा या सड़क निर्माण नहीं हुआ है जो भी हुआ है वो पूर्व प्रधान द्वारा करवाया गया है। तालाबों के सौंदर्यीकरण में भी जमकर बंदरबांट किया गया है।