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बिना डिग्री पाइल्स ऑपरेशन का आरोप, महिला मरीजों का वीडियो वायरल होने पर उठा सवाल

बस्ती। शहर के जीवनदायनी, हर्ष, आदर्श गोल्डेन हॉस्पिटल से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि अस्पताल में पाइल्स का ऑपरेशन करने वाली पूनम देवी पत्नी रामधनी के पास कोई मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री नहीं है, बावजूद इसके वह मरीजों का ऑपरेशन कर रही हैं। इस मामले को लेकर कई सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है और स्वास्थ्य विभाग से जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर एक साल पुराना वीडियो एक बार फिर चर्चा में आ गया है। वायरल हो रहे वीडियो में कथित तौर पर एक महिला मरीज का पाइल्स ऑपरेशन करते हुए दृश्य दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है और मरीजों की निजता तथा चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, पूनम देवी पूर्व में जिला महिला अस्पताल के सामने स्थित एक तथाकथित बंगाली डॉक्टर के यहां काम करती थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वहीं रहते हुए उन्होंने पाइल्स के ऑपरेशन की प्रक्रिया सीखी और बाद में स्वयं मरीजों का इलाज एवं ऑपरेशन करने लगीं। अब यह मामला तब और गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर महिला मरीज के ऑपरेशन का वीडियो वायरल होने का आरोप सामने आया।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के पास विधिवत मेडिकल डिग्री और सरकारी अनुमति नहीं है, तो उसका ऑपरेशन करना सीधे तौर पर मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ माना जाएगा। संगठनों ने यह भी कहा कि महिला मरीजों के ऑपरेशन के दौरान वीडियो बनाना उनकी निजता और सम्मान के खिलाफ है। ऐसे मामलों में मरीज की स्पष्ट अनुमति आवश्यक होती है, अन्यथा यह गंभीर नैतिक और कानूनी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीज उपचार के लिए भरोसे के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में यदि बिना योग्यता वाले लोग ऑपरेशन जैसे संवेदनशील कार्य करेंगे तो इससे चिकित्सा व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि संबंधित अस्पताल की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि ऑपरेशन करने वाली महिला के पास कौन-कौन सी चिकित्सकीय योग्यता और लाइसेंस मौजूद हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि आरोप सही हैं तो अस्पताल प्रशासन ने किस आधार पर उन्हें ऑपरेशन की अनुमति दी। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले में झोलाछाप और बिना डिग्री इलाज करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन उसके बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंताजनक है।
सूत्रों के हवाले से महिला की अन्य गतिविधियों को लेकर भी क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान सामने नहीं आया है।
महिला संगठनों ने वायरल वीडियो प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि किसी महिला मरीज के उपचार या ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होना उसकी गरिमा और गोपनीयता का उल्लंघन है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि वीडियो वायरल हुआ है तो इसकी साइबर जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन या पूनम देवी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

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