Monday, April 15, 2024
क्राइम

छेडछाड के मामले रोकने के लिए ” जस्टीशिया इंटरनॅशनल सोशल असोसिएशन ” ने आयोजित किया कानूनी जागरूकता कार्यक्रम

नेहाल हसन

समाज में बढ़ रहे छेडछाड तथा यौन उत्पीड़न के मामले रोकने के लिए ” जस्टीशिया इंटरनॅशनल सोशल असोसिएशन ” ने विद्यार्थियों को कानूनी रूप से जागरूक करने के लिए गणतंत्र दिवस कें उपलक्ष में, कलवा (ठाणे) के “श्रीमती जानकीबाई रामा साल्वी कॉलेज” में कार्यक्रम आयोजित किया । जस्टीशिया (एनजीओ) के आधारस्तंभ भूतपूर्व न्यायाधीश डॉ.सोनावणे सर ने, विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन करते हुवे कानुनी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद वर्मा कमिशन की शिफारिश पर मौजूदा महिला कानून में बदलाव किये गये और इसी के तहत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354, 509 को अधिक गंभीर बनाया गया तथा धारा 354A, धारा 354B, धारा 354C तथा धारा 354D को जोड़ा गया।, उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी महिला की इच्छा के विरूद्ध यदि कोई पुरुष उसका बार-बार पीछा करता है या उससे संपर्क करने का प्रयास करता है तो ऐसे अपराधी पर भा.दं.सं. की धारा 354D के तहत एफआईआर दर्ज किया जायेगा तथा प्रथम दोषसिद्धि पर ऐसे पुरुषो को तीन वर्ष तक का कारावास और जुर्माने से दंडित किया जायेगा। जस्टीशिया (एनजीओ) के संस्थापक फैजभाई सय्यदजी ने भी विद्यार्थियों को छेड़छाड़ यह किस तरह महिलाओं के सम्मान के साथ जीवन जीने के मूल अधिकारों का उल्लंघन है, इसका महत्व समझाया । जस्टीशिया (एनजीओ) के संचालिका श्रीमती शोभाताई कांबळे मॅडम ने भी विद्यार्थियों को छेडछाड तथा यौन उत्पीडन जैसी घटनाओं को नजरअंदाज ना करते हुए जुर्म के खिलाफ आवाज़ उठाने कि सलाह दी । श्री. फैजभाई सय्यदजी ने “श्रीमती जानकीबाई रामा साल्वी कॉलेज” के प्राचार्य श्री.उमरजकर जी और प्रो.आमिन मेमन जी का उनके सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया । कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जस्टीशिया (एनजीओ) के सीईओ वकील सागर कांबळे और श्री.सुबोध कांबळे जी ने विशेष योगदान दिया। जस्टीशिया (एनजीओ) के अन्य सदस्य श्री.नितीन मोहिते, सौ.सिमरन शर्मा, श्री. आबाद मोहम्मद, श्री.अंकुश उबाळे, श्री.अली अहमद सय्यद और श्री.हैदर इमाम उपस्थित थे.