Monday, March 4, 2024
बस्ती मण्डल

महिला डाक्टर पर बीएसटी में छेड़छाड़ का आरोपः पति ने किया मुकदमा पंजीकृत करने की मांग

बस्ती । कोतवाली थाना क्षेत्र के भैसहिया निवासी पंकज ने बस्ती मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, पुलिस अधीक्षक आदि को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाया था किन्तु पुलिस ने अभी तक मामले में मुकदमा पंजीकृत नहीं किया। पंकज ने बताया कि मेडिकल कालेज की महिला डॉक्टर शिवांगी चौधरी ने उनकी पत्नी पूनम के इलाज में घोर लापरवाही किया। इस शहर कोतवाल को भी तहरीर देकर मामले में डाक्टर शिवांगी चौधरी के विरूद्ध समुचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर कार्रवाई किये जाने का आग्रह किया गया था किन्तु मामले को लगातार लटकाया जा रहा है।
पंकज ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि तंत्र डॉक्टर शिवांगी चौधरी को बचाने में लगा है और उनका मुकदमा तक पंजीकृत नहीं किया गया। उन्होने पुनः डाक्टर के विरूद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी और महर्षि वशिष्ठ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर मांग किया है कि दोषी डाक्टर के विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कराकर न्याय दिलाया जाय। पत्र में पंकज ने कहा है कि उनकी पत्नी पूनम के इलाज में डॉक्टर शिवांगी चौधरी द्वारा घोर लापरवाही किया है। जिसका पुख्ता सबूत उनके पास है। अब डाक्टर बीएसटी में छेडछाड कर खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं और पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। पंकज ने कहा कि यदि उन्हें न्याय न मिला तो वे मामले को सक्षम न्यायालय में ले जायेंगे।
ज्ञात रहे कि पंकज ने अपनी पत्नी पूनम उम्र 30 वर्ष को बच्चेदानी के ऑपरेशन कराने हेतु डॉक्टर शिवागी को गत 18 अप्रैल 2023 दिखाया था, डॉक्टर शिवांगी चौधरी द्वारा समस्त जाचों को कराते हुए 19 अप्रैल 2023 को ऑपरेशन किया गया। 26 अप्रैल 2023 तक डॉक्टर शिवांगी चौधरी की देखरेख में इलाज हुआ। डॉक्टर शिवांगी चौधरी के कहने पर चिकित्सक द्वारा टाका काटा गया तथा उनके द्वारा कहा गया कि आपका टाका सही है और आप घर जा सकती हैं । वह घर जाने की तैयारी कर ही रही थी. तभी उसके पेट से बदबूदार रिसाव आने लगा। डॉक्टर शिवांगी चौधरी द्वारा पुनः ऑपरेशन किया गया और बताया गया कि इनके पेट से लगभग दो लीटर से ज्यादा पस निकला है और काफी मात्रा में इंफेक्शन फैल गया है ऐसे में पूनम को भर्ती रहना पड़ेगा, 12 मई 2023 को फिर से पूनम को डिस्चार्ज किया गया तथा कहा गया कि पूनम पूरी तरीके से स्वस्थ है और वह घर जा सकती है डॉक्टर शिवाजी चौधरी द्वारा दवाइयों को लिखते हुए डिस्चार्ज किया गया। 18 मई पूनम के पेट में दर्द होने के कारण डॉक्टर शिवांगी चौधरी को दिखाया उनके द्वारा दवा लिखकर कहा गया कि टाका सूख रहा है। इसलिए दर्द हो रहा है यह दर्द लगभग 3 महीने तक होगा बाद में धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। उसे दर्द बना रहा तो 21 मई को केयर डायग्नोस्टिक सेंटर, रानी लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स में अल्ट्रासाउंड करवाया गया। अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर ने बताया कि पूनम के पेट में अभी भी इफेक्शन है। उनके द्वारा कहा गया कि जिस डॉक्टर ने आप का ऑपरेशन किया है उनको एक बार दिखा लीजिये। पूनम की स्थिति बिगड़ती जा रही थी तो उसे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के लिए रेफर कर दिया जहां किसी तरह से उसकी जान बची। पंकज ने पत्र में कहा है कि डा. शिवांगी चौधरी ने उनके पत्नी के इलाज में घोर लापरवाही किया और उसकी जान भी जा सकती थी। किसी और मरीज के साथ ऐसी घटना न हो इसलिये उनके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कर दण्डित किया जाय।