Sunday, April 14, 2024
खेल

कोरोना से बचने के लिए अब खिलाड़ी करेंगे इलेक्ट्रॉनिक मास्क पहनकर ट्रेनिंग, मिलेगा ये फायदा

नयी दिल्ली। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ओलंपिक की तैयारियों में जुटे अपने खिलाड़ियों का कड़ा अभ्यास सुनिश्चित करने के लिये बैटरी से संचालित मास्क का परीक्षण के तौर पर उपयोग करेगा। यह मास्क आईआईटी खड़गपुर के पूर्व छात्रों ने तैयार किया है और इसके बारे में दावा किया गया है कि इसको पहनने वाला अधिकतम आक्सीजन ग्रहण करता है। आईओए ने आईआईटी खड़गपुर के पीयूष अग्रवाल के साथ करार किया है जो ‘पीक्यूआर टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड’ के मालिक हैं और जिन्हें ‘कवच मास्क प्रोजेक्ट’ के तहत सरकार से पैसा भी मिला है। उनका स्टार्ट अप वर्तमान समय में आईआईटी दिल्ली से संबद्ध है। इस मास्क का ब्रांड नाम ‘मोक्ष’ है। अग्रवाल पिछले दो वर्षों से मास्क के डिजाइन और निर्माण कार्य से जुड़े हुए हैं। उन्होंने प्रदूषण संबंधी मास्क से इसकी शुरुआत की थी। आईओए महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि बैटरी से संचालित मास्क का पहले ओलंपिक की तैयारियों में लगे कुछ खिलाड़ियों पर ट्रायल किया जाएगा। इसमें से प्रत्येक मास्क की कीमत 2200 रुपये के लगभग है।

खिलाड़ियों को अगर सांस लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं होती है और इसके साथ ही आईओए चिकित्सा आयोग से मंजूरी मिलने के बाद ओलंपिक में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी और अन्य भी इसका उपयोग करेंगे। मेहता ने  कहा, ‘‘मैं पहले खिलाड़ियों का अभ्यास बहाल करने को लेकर बेहद सतर्कता बरत रहा था लेकिन अब जबकि खिलाड़ियों ने अभ्यास शुरू कर दिया है और हम नहीं जानते कि यह महामारी कब खत्म होगी तो हमें सर्वश्रेष्ठ संभावित उपायों के बारे में सोचना होगा और मास्क का यह विचार हमें अच्छा लगा जो कड़े अभ्यास के लिये सुरक्षित लगता है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि खिलाड़ी ट्रायल में सहज महसूस करते हैं, तो हम शुरू में 1000 मास्क का आर्डर देंगे। हम शुरू में ट्रायल के लिये 10-15 खिलाड़ियों को मास्क देने की उम्मीद कर रहे हैं। हम 10 दिन के अंदर ट्रायल शुरू कर देंगे। ’’

 

देश में अधिकतर खेलों के लिये अभ्यास शुरू हो गया लेकिन खिलाड़ियों को कड़े अभ्यास और कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिये कहा गया है। मेहता ने कहा कि अगर भारतीय प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आईओए अन्य देशों से भी इन मास्क का उपयोग करने के लिये सिफारिश कर सकता है। अग्रवाल ने दावा किया कि मास्क दो उद्देश्यों की पूर्ति करेगा। वह खिलाड़ियों को कोविड-19 से बचाएगा और इसे पहनकर वे कड़ा अभ्यास भी कर पाएंगे क्योंकि इसका डिजाइन इस तरह से तैयार किया गया है अन्य मास्क की तुलना में इसे पहनने से शरीर को अधिक आक्सीजन मिलती है। उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया में कोई भी ऐसा मास्क नहीं है जिससे पहनने से हमारे मास्क की तरह बेहतर आक्सीजन मिलेगी। यह खिलाड़ियों के लिये सुरक्षित है और वे इसे पहनकर गहन अभ्यास कर सकते हैं। ’’ जब इन मास्क का उपयोग नहीं किया जाएगा तब इन्हें पाउच में रखना होगा। प्रत्येक मास्क में दोनों तरफ सांस लेने के लिये वॉल्व होंगे जिसमें पंखे लगे होंगे। इन पंखों से हालांकि किसी तरह की आवाज नहीं आएगी।