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ईद पर डॉ. आफताब खान का संदेश: अमन-चैन और बेहतर सेहत ही सबसे बड़ी नेमत

-ईद पर डॉ. आफताब खान ने दी शुभकामनाएं ■ “सबको बेहतर सेहत और भाईचारा मिले” ■ बेबी केयर सेंटर में नवजात व बच्चों का विशेष इलाज ■ दूर-दराज से भी इलाज कराने पहुंच रहे मरीज

बस्ती। ईद के पावन अवसर पर गड़गोड़िया स्थित बेबी केयर सेंटर के चेयरमैन एवं नवजात व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आफताब खान ने जनपदवासियों को दिली मुबारकबाद दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह त्योहार खुशियों, भाईचारे और अमन-चैन का प्रतीक है, जिसे सभी को मिलजुल कर मनाना चाहिए।
डॉ. खान ने सबसे पहले खुदा से दुआ करते हुए कहा कि “मैं अल्लाह से यही दुआ करता हूं कि सभी को बेहतरीन सेहत नसीब हो और हर घर में खुशहाली बनी रहे।” उन्होंने आगे कहा कि ईद हमें इंसानियत, आपसी प्रेम और सहयोग की भावना सिखाती है, इसलिए सभी लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर इस पर्व को मनाना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज में शांति और भाईचारे को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “आज के समय में सबसे जरूरी है कि हम एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखें, जिससे समाज में सकारात्मक वातावरण बना रहे।”
इस अवसर पर उन्होंने बेबी केयर सेंटर के बारे में भी जानकारी देते हुए बताया कि यह सेंटर विशेष रूप से नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के इलाज को ध्यान में रखकर स्थापित किया गया है। यहां पर अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बच्चों का इलाज किया जाता है, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
डॉ. आफताब खान ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य है कि हर बच्चे को सही समय पर सही इलाज मिले। उन्होंने बताया कि एक डॉक्टर का सबसे बड़ा कर्तव्य होता है कि वह अपने मरीज के साथ दिल से जुड़ा रहे और उसे पूरा समय दे। इसी सोच के साथ वह अपने मरीजों का इलाज करते हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि बेबी केयर सेंटर में केवल बस्ती ही नहीं, बल्कि आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों का इलाज कराने आते हैं। यह भरोसा उनके लिए सबसे बड़ी पूंजी है और वे हर हाल में इस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करते हैं।
डॉ. खान ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का माध्यम है। जब एक डॉक्टर अपने मरीज के दर्द को समझता है और पूरी निष्ठा के साथ इलाज करता है, तभी सही मायनों में वह अपने कर्तव्य का निर्वहन करता है।
अंत में उन्होंने एक बार फिर सभी जनपदवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि सभी लोग इस त्योहार को प्रेम, भाईचारे और खुशियों के साथ मनाएं तथा जरूरतमंदों की मदद करना न भूलें।

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