Saturday, June 22, 2024
राजनैतिक

खेत-खलिहान को पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखने का षडयंत्र कर रही खट्टर-दुष्यंत सरकार – सुरजेवाला

कैथल | इन्दु/नवीन बंसल (राजनीतिक संपादक) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव रणदीप सिह सुरजेवाला ने आज कैथल में अपने निवास किसान भवन पर पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया और भाजपा सरकार द्वारा किसानो पर जबरद्स्ती तीन अध्यादेश काला कानून के तौर पर काला कानून थोंपने पर केंद्र की मोदी सरकार व हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार पर हमला बोला। सुरजेवाला ने कहा कि देश के किसान, आढ्ती, मंडी मुनीम, ट्रांस्पोर्टर, मजदूर पर मोदी सरकार व हरियाणा की भाजपा-जजपा ने हमला बोला है। केंद्र व हरियाणा की भाजपा सरकार किसान को अप्ने ही खेत में मजदूर बनाकर गुलाम बनाना चाह्ते हैं। देश के खेत व खलिहान पर भारतीय जनता पार्टी ने अतिक्र्मण व आक्रमण किया है। देश के इतिहास में पहला ऐसा आक्रमण भाजपा सरकार द्वारा किया गया है जो इससे पहले कभी नही हुआ। उन्होने कहा कि भारत के भाग्यविधाता व अन्नदाता किसानों को बहुमत वाली बेरहम भाजपा सरकार ने बर्बाद किया और मुट्ठीभर पूंजीपति दोस्तों का सपना साकार किया। देशभर में 62 करोड़ किसान-मजदूर व 250 से अधिक किसान संगठन इन कानूनों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, पर प्रधानमंत्री मोदी सब ऐतराज दरकिनार कर देश को बरगला रहे हैं। अन्नदाता किसान की बात सुनना तो दूर, संसद में उनके नुमाईंदों की आवाज को दबाया जा रहा है और सड़कों पर किसान-मजदूरों को लाठियों से पिटवाया जा रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी, खट्टर व दुष्यंत को किसानो का दुश्मन करार देते हुए कहा अलग अलग 10 सवालो से हमला बोला।
अनाज मंडी-सब्जी मंडी यानि APMC को खत्म करने से ‘कृषि उपज खरीद व्यवस्था’ पूरी तरह नष्ट हो जाएगी। ऐसे में किसानों को न तो ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) मिलेगा और न ही बाजार भाव के अनुसार फसल की कीमत। किसान की फसल को दलाल औने-पौने दामों पर खरीदकर दूसरे प्रांतों की मंडियों में मुनाफा कमा MSP पर बेच देते हैं। अगर पूरे देश की कृषि उपज मंडी व्यवस्था ही खत्म हो गई, तो इससे सबसे बड़ा नुकसान किसान-खेत मजदूर को होगा और सबसे बड़ा फायदा मुट्ठीभर पूंजीपतियों को।
दुष्यंत चौटाला परा हमला बोलते हुए सुरजेवाला ने कहा कि या तो आप किसान के साथ रहिए या फिर कुर्सी के साथ। या तो किसान की भलाई चुनिए या किसान की भलाई। आपको याद करना चाहिए कि लोकराज लोकलाज से चलता है इसलिए खट्टर सरकार से समर्थन वापिस लीजिये। क्योंकि जजपा ने किसानो के समर्थन के साथ 10 विधायक बनाए थे और खट्टर सरकार के साथ सरकार बनाई थी। आज किसान दर दर की ठोकरे खा रहा है और जजपा खट्टर सरकार की गोदी में बैठकर मलाई खा रही है। कितने दिन और खट्टर सरकार की गुलामी करोगे।