कुदरहा, बस्ती। कुदरहा विकासखंड के ग्राम पंचायत अईलिया में लाखों रुपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन शुरू होने के बाद से ही उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। हालत यह है कि पंचायत भवन में आज तक नियमित रूप से कोई अधिकारी या कर्मचारी बैठा ही नहीं और अब भवन धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो गया।
ग्राम पंचायत अईलिया के राजस्व गांव सिरगोटवा और भितिहा के बीच करीब चार वर्ष पूर्व 31 लाख 66 हजार रुपये की लागत से पंचायत भवन का निर्माण कराया गया था। भवन में कंप्यूटर, मेज-कुर्सी, आलमारी और सीसी कैमरे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी अलग से धन खर्च किया गया था। कागजों में पंचायत भवन का संचालन शुरू दिखाया गया, लेकिन जमीनी हकीकत में यहां कभी पंचायत सचिव या पंचायत सहायक ने नियमित रूप से बैठकर कार्य नहीं किया।
देखरेख के अभाव में भवन के दरवाजे और खिड़कियां सड़ चुकी हैं, फर्श की टाइलें उखड़ गई हैं और भवन जर्जर होता जा रहा है। शौचालय का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन का निर्माण गांव से दूर सुनसान स्थान पर कर दिया गया, जिसके कारण यहां कोई कर्मचारी बैठना नहीं चाहता।
शासन के निर्देश के अनुसार पंचायत भवन से ही ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और पंचायत संबंधी कार्य होने चाहिए, लेकिन ग्रामीणों को आज भी छोटे-छोटे कार्यों के लिए ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
सचिव अभिनव यादव ने बताया कि पंचायत भवन सुनसान जगह पर बनने की वजह से वहां शुरू से ही लगातार कई बार चोरियां हुई और पंचायत भवन नियमित नहीं चल सका। पंचायत भवन के मरम्मत का एस्टीमेट बन गया है जल्द ही सोलर पैनल लगकर सीसीटीवी कैमरा लगेगा और हाल की मरम्मत कराई जाएगी।
ग्रामीणों ने पंचायत भवन की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तथा भवन को नियमित रूप से संचालित कराने की मांग की है।
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