Saturday, June 22, 2024
हेल्थ

71 पुरूष नसबंदी के लिए सीएमओ ने तय की जिम्मेदारी, सौंपा अपेक्षित कार्यभार

गोरखपुर,परिवार नियोजन में पुरूष भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष मनाये जाने वाले पुरूष नसबंदी पखवाड़े का पहला चरण शुरू हो चुका है । इसमें 21 नवम्बर से 27 नवम्बर के बीच लोगों को पुरूष नसबंदी के बारे में जागरूक किया जाएगा । इसी कड़ी में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने अपने कार्यालय से सारथी वाहन को हरी झंडी दिखा कर गुरूवार को रवाना किया । यह वाहन ‘‘स्वस्थ मां, स्वस्थ बच्चा, जब पति का हो परिवार नियोजन में योगदान अच्छा’’ के संदेश के साथ साथ परिवार नियोजन में पुरूष भागीदारी की महत्ता से लोगों को अवगत कराएगा । मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पत्र जारी कर जिले को 71 पुरूष नसबंदी का अपेक्षित कार्यभार सौंपा है ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में पात्र दंपति में भी पुरूष नसबंदी के प्रति रूचि कम देखी गयी है । इसके पीछे पुरूषों में परिवार नियोजन के प्रति जिम्मेदारी का अभाव और कई प्रकार की मिथक व भ्रांतियां कारक हैं । जनपद में वर्ष 2020-21 में 51, 2021-22 में 50, 2022-23 में 35 और इस वर्ष अक्टूबर माह तक 28 पुरूषों ने नसबंदी के साधन का चुनाव किया है । इस साधन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पखवाड़े के पहले चरण में सारथी वाहन चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में तीन सारथी वाहन और शहरी क्षेत्र में दो सारथी वाहन चार दिनों तक परिवार नियोजन और पुरूष नसबंदी की महत्ता के बारे में जानकारी देंगे।

डॉ दूबे ने बताया कि पखवाड़े के दूसरे चरण में 28 नवम्बर से चार दिसम्बर तक निर्धारित सेवा दिवस और स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से पुरूष नसबंदी की सुविधा प्रदान की जाएगी । जिला महिला चिकित्सालय, सौ शैय्या युक्त टीबी हॉस्पिटल और रूस्तमपुर स्थित सूर्या क्लिनिक पर प्रतिदिन पुरूष नसबंदी की सुविधा दी जाएगी । जो ब्लॉक और स्वास्थ्य इकाई पखवाड़े के दौरान तीन या तीन से अधिक पुरूषों की नसबंदी करवाएंगे उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा । पखवाड़े के प्रथम चरण में आशा कार्यकर्ता और आशा संगिनी द्वारा योग्य दंपति को परिवार नियोजन के सभी साधनों की जानकारी देकर पुरूष नसबंदी के इच्छुक लाभार्थी को सेवा के लिए तैयार किया जाएगा । पखवाड़े के दौरान यूपीटीएसयू और पीएसआई जैसे स्वयंसेवी संगठन भी विभाग का सहयोग कर रहे हैं।

इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच डॉ एके चौधरी, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक पंकज आनंद, डिप्टी सीएमओ डॉ अनिल सिंह और मंडलीय परिवार नियोजन कार्यक्रम प्रबन्धक अवनीश चंद्र प्रमुख तौर पर मौजूद रहे ।

*पुरूष नसबंदी की पात्रता*

• पुरूष विवाहित हो
• उसकी आयु 60 वर्ष या उससे कम हो
• दंपति को कम से कम एक बच्चा हो जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक हो
• उसे यौन रोग व कैंसर, ह्रदय रोग जैसी गंभीर बीमारियां न हों

*यौन क्षमता पर असर नहीं*

जुलाई 2023 में पुरूष नसबंदी का चुनाव करने वाले पिपराईच ब्लॉक क्षेत्र के 38 वर्षीय लाभार्थी महेश (काल्पनिक नाम) का कहना है कि उनकी नसबंदी महज दस मिनट में हो गई थी । इसके बाद उन्हें आधे घंटे अस्पताल में ही आराम करने को कहा गया। खुद गाड़ी चलाते हुए घर आए और तीन दिन दवा खाई । इस बीच हल्के फुल्के घरेलू काम करते रहते। चौथे दिन के बाद वह दौड़भाग भी करने में सक्षम हो गये । नसबंदी के बाद उन्होंने अपनी यौन क्षमता में कोई कमी महसूस नहीं की और न ही किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी महसूस हुई । तीन माह तक उन्होंने कंडोम का इस्तेमाल किया और जब तीन माह बाद शुक्राणु जांच हुई तो उनकी नसबंदी सफल पाई गई । अस्पताल से प्रमाण पत्र मिलने के बाद दंपति को अब परिवार नियोजन के किसी अन्य साधन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ रहा है । नसबंदी से पहले उन्हें भी डर लग रहा था लेकिन जब यह सेवा अपना चुके लोगों से उन्होंने उनकी राय जानी तो उनका भय समाप्त हो गया । उन्होंने भी महसूस किया कि पुरूष नसबंदी सरल और सुरक्षित है । जिनका परिवार पूरा हो गया है, ऐसे पुरूषों को इस साधन का चुनाव अवश्य करना चाहिए।

*पुरूष नसबंदी की विशेषताएं*

इसमें कोई चीरा या टांका नहीं लगता है।
• यह 99.5 फीसदी तक प्रभावी है
• लाभार्थी को 3000 रुपये उसके खाते में श्रम ह्रास के दिये जाते हैं
• सरकारी अस्पतालों पर कुशल सर्जन द्वारा सरकारी प्रावधानों के तहत यह सेवा दी जाती है