Monday, March 4, 2024
बस्ती मण्डल

पूरा देश अमृत महोत्सव मना रहा है, हर भारतवासी को इस आजादी पर गर्व है-ई अरविन्द पाल

बस्ती, 15 अगस्त। बनकटी ब्लाक मुख्यालय पर स्थित चन्द्रगुप्त मौर्य प्रभावंश महिला पीजी कालेज एवं सम्राट अशोक प्रभावंश गर्ल्स इण्टर कालेज के संयुक्त तत्वावधान में 76 वें स्वतंत्रता दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुये नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि इंजी. अरविन्द पाल ने कहा पिछले 9 सालों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन से भारत की राजनीति की में व्यापक बदलाव आया है।

आज पूरा देश अमृत महोत्सव मना रहा है। हर भारतवासी को इस आजादी पर गर्व है। किन्तु राजनीतिक लाभ के लिये 1947 में देश के दो टुकड़े कर दिये गये, इस विभीषिका को भी देश झेल रहा है। उन्होने देश की आजादी तथा बंटवारे के समय जांन गंवाने वाले असंख्य शहीदों और हिन्दुओं को श्रद्धांजलि अर्पित किया। इससे पहले कालेज के संस्थापक राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक वंशराज मौर्य, प्रबंधक डा. अनिल कुमार मौर्य, प्राचार्या डा. अनीता मौर्या, नीलम मौर्या तथा प्रशासिका सरोज मौर्या ने महात्मा गांधी और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। संस्थापक ने ध्वजारोहण किया।

इस अवसर पर पीजी एवं इण्टर कालेज की छात्राओं ने अत्यन्त मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। प्रवक्ता वर्षा दुबे ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुये दर्शकों को लम्बी अवधि तक बांध रखा। वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव, सेवानिवृत्त शिक्ष अर्जुन प्रसाद शुक्ल आदि ने भी अपने सम्बोधन में वीर शहीदों को नमन किया। दर्शकों ने छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों पर तालियां बजाकर उनका हौसला बढ़ाया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाली छात्राओं को अतिथियों ने प्रशस्ति प्रमाण एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

अंत में प्राचार्या डा. अनीता मौर्या तथा नीलम मौर्या ने सभी के सहयोग और उपस्थिति के लिये आभार जताया। कार्यक्रम को सफल व यादगार बनाने में उप प्राचार्य डॉ0 सुनील कुमार गौतम, विजय कुमार यादव, श्रीमती ज्योति पाल, श्रृंखला पाल, श्रेया, शिखा, सरस्वती, शहनुमा अंजुम, सुनील कुमार कुशवाहा, लिपिक अखंड प्रताप पाल, राजीव कुमार, बबलू अवधेश चौधरी, सम्राट अशोक प्रभावंश बालिका इंटर कॉलेज की शिक्षिकायें अमृता, मनु मिश्रा, अंकिता अग्रहरि, मोहम्मद आरिफ तथा लिपिक काशी प्रसाद पाण्डेय का योगदान सराहनीय रहा।