स्कूल में घुस पिस्तौल की नोंक पर छात्राओं को धमकाया, दोस्ती करो अन्यथा किडनैप कर लेंगे, चार गिरफ्तार - BNT LIVE

स्कूल में घुस पिस्तौल की नोंक पर छात्राओं को धमकाया, दोस्ती करो अन्यथा किडनैप कर लेंगे, चार गिरफ्तार

रांची। रांची के ओरमांझी स्थित एक हाई स्कूल की छात्राओं को दोस्ती स्वीकार करने के लिए पिस्तौल की नोक पर धमकाने और बात न मानने पर किडनैप करने की धमकी देने वाले युवकों में से चार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है। ये सभी युवक मुस्लिम समुदाय के हैं। लड़कियों को धमकाने की घटना की खबर इलाके में फैली तो तनाव की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और पांच में से चार आरोपी युवक पकड़े गये हैं। घटना पांच सितंबर शिक्षक दिवस के दिन की है। आरोप है कि ओरमांझी के सदमा स्थित प्लस टू प्रोजेक्ट हाई स्कूल की चहारदीवारी लांघकर पांच युवक फिरदौस अंसारी, सोहैल अंसारी, मुजम्मिल अंसारी, जमील अंसारी और तौफिक अंसारी स्कूल में घुस आये। उन्होंने स्कूल की छात्राओं पर दोस्ती और बातचीत करने का दबाव डाला। युवकों के पास पिस्तौल थी, जिसे दिखाकर उन्होंने कहा कि अगर वो उनकी बात नहीं मानेंगी तो उन्हें किडनैप कर लिया जायेगा। कुछ शिक्षकों और छात्रों को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने विरोध जताया, लेकिन युवकों ने उन्हें भी अंजाम भुगतने की धमकी दी। स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गयी, लेकिन प्रबंधन की ओर से तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच इस घटना की खबर धीरे-धीरे इलाके में फैली तो स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर में बैठक बुलाई। इसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे।

बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इस तरह की हरकत करने वाले युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया गया और इसके बाद स्थानीय लोगों ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई। सभी युवक ओरमांझी थाना क्षेत्र के मायापुर चंदरा गांव के रहने वाले हैं।

इधर, इस घटना को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार को सीधे निशाने पर लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश और सांसद आदित्य साहु ने सोमवार को स्कूल परिसर में ग्रामीणों के साथ बैठक की। दीपक प्रकाश ने आरोप लगाया कि पूरे राज्य में छात्राएं और लड़कियां लव जिहादियों के निशाने पर हैं। यह सरकार की तुष्टिकरण की नीति का परिणाम है। एक के बाद एक कर ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार नरम रुख अपना रही है।