Sunday, April 14, 2024
देश

हाथरस सामूहिक बलात्कार मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने CJI को लिखा पत्र

नयी दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने बुधवार को देश के प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिख कर उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया जो हाथरस सामूहिक बलात्कार एवं हत्या कांड की कथित रूप से लीपापोती करने में शामिल हैं। मालीवाल ने पत्र में उच्च न्यायालय की देखरेख में मामले की जांच एवं सुनवाई सुनिश्चित कराने तथा आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिये जाने का भी अनुरोध किया है। यह पत्र उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के नाम भी संबोधित किया गया है। पत्र में मालीवाल ने अपने अनुरोध को सूचीबद्ध करते हुये कहा है, उन सभी पुलिसवालों एवं वरिष्ठतम अधिकारियों समेत प्रशासनिक अधिकारियों को निलंबित किया जाये और उनके खिलाफ कठोर कदम उठाया जाये जिन्होंने इस मामले पर लीपापोती का प्रयास किया है। ऐसी व्यवस्था बननी चाहिये कि किसी और बेटी के साथ इस तरह की घटना नहीं हो।

मालीवाल ने कहा कि हाथरस में 19 साल की दलित लड़की के साथ चार लोगों द्वारा किया गया सामूहिक बलात्कार दिल को दहला गया है। उन्होंने कहा, हाथरस सामूहिक बलात्कार एवं हत्या की घटना ने एक बार फिर माताओं एवं बेटियों के प्रति तंत्र की उदासीनता और अवहेलना को उजागर कर दिया है। पीड़िता का 14 सितंबर को सामूहिक बलात्कार किया गया और जख्मी हालत में उसे खेतों में मरने के लिये छोड़ दिया गया था। पत्र में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने आरोप लगाया गया है कि मामले में पुलिस एवं पूरी उत्तर प्रदेश सरकार की भूमिका गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि कई दिनों तक प्रशासन ने इस मामले को गांवों के बीच का विवाद बताते हुये ढंकने का प्रयास किया।

उन्होने कहा कि अगर परिवार की अपील पर पहले ही कार्रवाई की गई होती और पीड़िता को पहले ही दिल्ली भेजा जाता तो शायद हम अपनी एक ओर बेटी को नहीं खोते। सामूहिक बलात्कार का शिकार युवती ने दो सप्ताह तक मौत से जूझते हुये दिल्ली के अस्पताल में आखिरी सांस ली और हाथरस में बुधवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस ने अंतिम संस्कार करने के लिये परिवार पर दबाव बनाया था।