बस्ती। हाल ही में लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग की दुखद घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में कई परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया, जिससे समाज में गहरा दुख और चिंता का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने के लिए मजबूर किया है कि सुरक्षा मानकों के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
इसी गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता मनीष मिश्रा ने वीर सावरकर लाइब्रेरी में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि लाइब्रेरी में निःशुल्क अध्ययन कर रहे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगामी एक सप्ताह तक लाइब्रेरी बंद रखने का फैसला लिया गया है। इस दौरान लाइब्रेरी परिसर में सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधार भी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
मनीष मिश्रा ने बताया कि सुरक्षा समीक्षा के साथ-साथ बच्चों के साथ संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों से उनकी पढ़ाई, रुचियों, सपनों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह देखकर बेहद खुशी हुई कि बच्चे केवल परीक्षाओं की तैयारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अपने क्षेत्र और समाज के विकास के प्रति भी गंभीर सोच रखते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चों के विचारों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच दिखाई दी। कई बच्चों ने अपने सपनों और लक्ष्यों को साझा किया तथा बस्ती को “बेस से स्पेस” तक ले जाने जैसी बड़ी सोच भी सामने रखी। यह उत्साह आने वाले समय के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
मनीष मिश्रा ने आगे बताया कि बच्चों के लिए नियमित मेंटॉरशिप सत्र शुरू करने पर भी चर्चा की गई। इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ करियर मार्गदर्शन, व्यक्तित्व विकास और जीवन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों ने इस पहल का स्वागत करते हुए काफी उत्साह दिखाया।
उन्होंने कहा कि वीर सावरकर लाइब्रेरी केवल एक अध्ययन केंद्र नहीं, बल्कि बस्ती के उज्ज्वल भविष्य को गढ़ने का एक छोटा प्रयास है। बच्चों की सुरक्षा, बेहतर शिक्षा और उनके सुनहरे भविष्य की जिम्मेदारी हम सभी की है।
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