Saturday, June 22, 2024
साहित्य जगत

14 सितंबर हिंदी दिवस हिंदी दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई-एल के पाण्डेय

1918 मैं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिंदी साहित्य सम्मेलन में यह प्रस्ताव किया की आम जनमानस की भाषा हिंदी होगी
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एकमत से यह निर्णय लिया गया कि कि हमारे देश की राजभाषा हिंदी होगी तभी से प्रत्येक वर्ष को 14 सितंबर हिंदी दिवस मनाया जाता है
लेकिन एक विडंबना है कि हम भारतवासी एक दिवस ही मान कर रह गए एक आम धारणा बन गई है की अगर हम अंग्रेजी नहीं सीखेंगे लिखेंगे बोलेंगे तो समाज में पिछड़ गए दोस्तों ऐसा नहीं विश्व में जो संपन्न देश है चीन जापान फ्रांस और बहुत से ऐसे देश हैं जो अपनी राजभाषा को नहीं छोड़े है हम लोग बीच के होकर रह जाए नाही पूर्ण रूप से अंग्रेजी अपना पाए और आज भाषा बोलने में तो शर्म आती है पिछड़े माने जाएंगे
भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी ने राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर ना ही अपना अपने देश का और अपनी भाषा का मान बढ़ाएं अगर हम ही लोग राजभाषा को नहीं अपनाएंग तो कौन अपना आएगा
हिंदी है तो हम हैं
विनी हिंदी हम क्या है
हिंदी से बढ़ती है देश की शान
इससे ही होगा हमारा सम्मान
एलके पांडे
पी आर ओ
रोटरी क्लब बस्ती ग्रेटर