बनकटी/ बस्ती (वकील अहमद सिद्दीकी) धान खरीद के अंतिम दौर में सहकारी समितियों पर पोर्टल बंद होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान जयंती प्रसाद, जयप्रकाश, अवधेश, रामकेश पाण्डेय, दिलीप, रामकिशुन चौधरी सहित अन्य किसानों ने बताया कि खोरिया बसौड़ी, महथा, सजहरा सजनाखोर और चित्राखोर स्थित सहकारी समितियों के धान क्रय केंद्रों पर वे अपनी उपज बेचने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन क्रय केंद्र प्रभारी यह कहकर धान खरीदने से मना कर रहे हैं कि शासन द्वारा पोर्टल बंद कर दिया गया है।
किसानों का कहना है कि पिछले शुक्रवार से ही पोर्टल बंद होने के कारण बड़ी संख्या में किसानों का धान अब तक नहीं बिक पाया है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की है, ऐसे में धान की बिक्री न होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि शासन स्तर पर कोई स्पष्ट निर्देश न होने और पोर्टल बंद होने की मार सीधे किसानों पर पड़ रही है, जो सरासर अन्याय है।
किसानों ने सवाल उठाया कि जब शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीद की घोषणा की गई है, तो फिर पोर्टल बंद कर किसानों को क्यों परेशान किया जा रहा है। यदि समय रहते पोर्टल नहीं खोला गया और धान की खरीद शुरू नहीं हुई, तो किसानों की उपज खराब होने का भी खतरा बना हुआ है।
आक्रोशित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया और उनकी उपज का विक्रय नहीं हुआ, तो वे मजबूरन जिला अधिकारी बस्ती के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल पोर्टल चालू कराकर सभी सहकारी समितियों पर धान की निर्बाध खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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