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पति ने घर से निकाला, कर ली दूसरी शादी, मजबूर पत्नी ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

-8 वर्ष के बेटे से भी नहीं मिल पा रही है मां

बस्ती। पति-पत्नी के संबंधों में बढ़ते विवाद, आरोप-प्रत्यारोप तथा दूसरी शादी के मामलों के बीच बस्ती जनपद से एक और संगीन मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र के डिडौहा खोराखार (पटेल चौक) निवासी पुनीता चौधरी ने पुलिस अधीक्षक को पत्र देकर अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

पुनीता चौधरी ने दिया कि उनके पति धर्मात्मा प्रसाद चौधरी पुत्र स्वर्गीय हनुमान प्रसाद चौधरी ने उन्हें दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया, मारपीट की तथा अंततः घर से निकाल दिया। यही नहीं, पुनीता ने बताया कि उनका 8 वर्षीय पुत्र विक्रांत भी उनसे अलग कर दिया गया है और उन्हें बेटे से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। पति ने उनके खिलाफ तलाक का मुकदमा भी दायर कर दिया है, जबकि बिना तलाक लिए दूसरी शादी कर लेना पूरी तरह अवैध है।

पत्र में पुनीता ने आरोप लगाया कि धर्मात्मा ने 7 नवंबर 2025 को ग्राम परसिया, पोस्ट बनेथू, थाना बेलहर कला, जनपद संतकबीरनगर निवासी जगदंबा प्रसाद की पुत्री शिवांगी से खलीलाबाद के एक मंदिर में विवाह किया और उसे अपने घर पत्नी के रूप में रख लिया है। पिछले आठ महीनों से पुनीता दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है और न तो घर में रह पा रही है और न ही अपने छोटे बच्चे की देखभाल कर पा रही है।

पुनीता का विवाह 3 दिसंबर 2016 को सोनहा थाना क्षेत्र के दुबौली निवासी शेषनाथ चौधरी की उपस्थिति में धूमधाम से हुआ था। विवाह के बाद से ही दहेज को लेकर उन्हें प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उनके अनुसार, दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर से बेदखल करने के बाद अब पति ने गैरकानूनी रूप से दूसरी शादी कर जीवन और कठिन बना दिया है।

पुनीता ने बताया कि उन्होंने पहले भी एक प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे कोतवाली के पिंक बूथ परामर्श केंद्र भेजा गया। कई बार सुलह-समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन धर्मात्मा ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने तलाक का मुकदमा कर दिया है और कोर्ट का जो निर्णय होगा वही मानेंगे, किसी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे।

उन्होंने मांग की है कि जब तक न्यायालय का निर्णय नहीं आ जाता, तब तक प्रशासनिक स्तर पर उन्हें अपने पुत्र के साथ ससुराल में रहने की व्यवस्था कराई जाए, क्योंकि घर में केवल एक बुजुर्ग दादी है जो बच्चे की सही देखभाल करने में असमर्थ है। साथ ही, बिना तलाक दूसरी शादी करने वाले पति धर्मात्मा प्रसाद चौधरी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की भी मांग की है।

पीड़िता का कहना है कि न्याय मिलने तक वह दर-दर भटकने को मजबूर है और अब प्रशासन ही उसकी आखिरी उम्मीद है।

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