Monday, March 4, 2024
साहित्य जगत

आज है 2 अक्तूबर, आज का दिन है बड़ा महान । आज के दिन दो फूल खिले थे, जिनसे महका हिंदुस्तान ।

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री राष्ट्रनायक लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं।_

*कुछ पंक्तियां*

तुमसे है गुलजार चमन ।
बाबा गांधी! है तुम्हें नमन ।

तुमने अपनी कर्मठता से,
भारत मां का भाल सजाया ।
सत्य अहिंसा के बलबूते,
भारत को आजाद कराया ।

भारत मां की बलिवेदी पर,
सब कुछ अपना किया हवन ।
बाबा गांधी! है तुम्हें नमन ।

ऐसा सत्साहस दिखलाया,
ब्रिटिश हुकूमत कांप गई ।
हमें यहां से जाना होगा,
अपने मन में भांप गई ।

ब्रिटिश हुकूमत को तुमने तो,
चुटकी में कर दिया दमन ।
गांधी बाबा है तुम्हें नमन ।

आज तुम्हारे श्रीचरणों में,
श्रद्धा सुमन चढ़ाते हैं ।
और तुम्हारे सत्साहस का,
गीत मनोरम गाते हैं ।

देन तुम्हारी ही हैं बाबा,
सुख समृद्धि से भरा वतन ।
गांधी बाबा! है तुम्हें नमन ।

*राष्ट्रनायक लाल बहादुर शास्त्री जी के प्रति*

भारत मां के वीर सपूतों का था कैसा स्वर्णिम दौर ।
लाल बहादुर शास्त्री जी थे भारत के सच्चे सिरमौर ।

जय जवान का, जय किसान का गीत मनोरम गाये ।
अपनी कर्मठता के बल पर भारत में खुशहाली लाये ।

सचमुच वह भारत माता से रखते थे कितना अनुराग ।
कौन भूल सकता है बोलो, शास्त्री जी का अतुलित त्याग ।

जय जवान का जय किसान का, दिया देश को अद्भुत नारा ।
अमर रहेगा वह सदैव ही, भारत माँ का राज दुलारा ।

उनके आदर्शों पर चलते रहना है जीवन का सार ।
शास्त्री जी के श्री चरणों में अभिनंदन है शत-शत बार ।

डा. वी. के वर्मा
आयुष चिकित्साधिकारी,
जिला चिकित्सालय बस्ती