Tuesday, February 27, 2024
व्रत/त्यौहार

ब्रह्म योग और शुक्ल योग में पधारेंगे बप्पा – ज्योतिष गुरू पंडित अतुल शास्त्री

गणेश चतुर्थी हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन हुआ था भगवान गणेश का जन्म। गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा जाता है। अन्य पूजा करने से सभी प्रकार के विघ्न दूर होते हैं। गणेश चतुर्थी के दिन लोग अपने घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
गणेश उत्सव 10 दिनों तक मनाया जाता है। 19 सितंबर 2023 को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जायेगा। जबकि 28 सितंबर 2023 को अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश का विसर्जन होगा। गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाती है।
इस साल यानी कल गणेश चतुर्थी लगभग 300 साल बाद एक अद्भुत संयोग बन रहा है। इस दिन ब्रह्म योग और शुक्ल योग दोनों योग बन रहा है । ज्योतिष गुरू पंडित अतुल शास्त्री के अनुसार, यह एक बहुत ही शुभ योग है, जो इस त्योहार को और भी खास बनाता है।ब्रह्म योग प्रातः 6:08 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक रहेगा। इस योग में गणेश पूजा करने से सभी मन प्रसन्न होते हैं। शुक्ल योग प्रातः 6:08 बजे से दोपहर 1:48 बजे तक रहेगा। इस योग में गणेश पूजा करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है।भाद्रपद मास की इस चतुर्थी तिथि को शिव चतुर्थी भी कहा जाता है। साथ ही इस दिन शिवा योग और शांता योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व काफी बढ़ गया है। इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भक्तों को सौ गुणा फल की प्राप्ति होगी।
गणेश चतुर्थी के दिन करें ये उपाय
गणेश चतुर्थी के दिन महिलाएं गुड़, घी, नमक, दूर्वा, पूआ आदि चीजों को पहले सास ससुर या माता को दें। वहीं पुरुष इन चीजों को पहले गणेशजी को अर्पित करें। ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होगी और भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा और सभी कष्ट धीरे धीरे दूर होंगे।
ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं’ मंत्र का 108 बार जप करें
इस दिन कुम्हार के की चाक से थोड़ी से मिट्टी लें और उस मिट्टी से अंगूठे बराबर भगवान गणेश की मूर्ति बना लें। फिर उस मूर्ति को चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर ब्रह्म स्थान, पूर्व दिशा या उत्तर पूर्व कोण में रखें। इसके बाद गणेशजी की पूजा अर्चना करें और ‘ॐ ह्रीं ग्रीं ह्रीं’ मंत्र का 108 बार जप करें। इस मूर्ति की 10 दिनों तक अनंत चतुर्दशी तक पूजा करें। ऐसा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होंगे और सुख समृद्धि में वृद्धि होगी।
दूर्वा की 11 गांठ बनायें
दूर्वा की 11 गांठे बनाकर भगवान गणेश के माथे से लगाकर चरणों में अर्पित करें। इसके बाद गणेशजी को गंध, दीप, फूल, धूप, मिष्ठान आदि चीजें अर्पित करें और गणेश चालीसा का सुबह शाम पाठ करें। ऐसा करने से आपको धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
भगवान को सिंदूर का तिलक लगाएं और फिर खुद भी सिंदूर का तिलक लगाएं और गणेश पूजन करें। इसके बाद ‘ॐ गण गौ गणपतये विघ्न विनाशिनये स्वाहा’ मंत्र का 21 माला जाप करें। ऐसा करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।