Thursday, February 22, 2024
साहित्य जगत

चंद्र यान 3 को नमन

है प्रीत नयी है रीत नयी

है जोश नया ,
गर्व का क्षण है भारत की है नयी चंद्र क्रांति,
आओ मिलकर संग जश्न मनाये ।
हर पग कर उठा नर्तन
हर मन झूम उठा
हर कंठ से जय घोष का सुरीला गान चहुंओर गूंज उठा।
भारत की नयी चंद्र कांति
चंद्रपथ पर चमक रहा आज
अपना हिंदुस्तान।
हर हिंदुस्तानी दिल थाम कर,
कर रहा था 14जुलाई से इस शुभ घड़ी का इंतजार
पलक पांवड़े बिछाए
लो जी आया है क्षण वो सुहाना ,
भारत चंद्र पथ पर जा बैठा मंद मंद मुस्कुरा रहा है।
चंद्रयान 3 ने मामा को
दक्षिणी ध्रुव पर गले लगा कर रिश्तो की गर्मी का ताजा एहसास दिलाया है ।
आज चंदा और खूबसूरत सा दिखे हैं ,आज वो फिर से मुस्कुरा के इतराया है ।
14 को उड़ चला था ,बढ़ रही थी धड़कनें,थी बड़ी बेसब्री तभी विक्रम ने चांद की उजली धरती पर रखा विजयी कदम।
है ये क्षण शसक्त सामर्थ्य का,
भारत के उदीयमान चरमोत्कर्ष का।
यूं ही नहीं आया ये अविस्मरणीय क्षण,
कितनी ही रातें कितने ही पारिवारिक स्वर्णिम क्षणोकी दी है इन होनहार वैज्ञानिकों ने।
न देखा दिन न देखी रात,
बस देख रहे थे जागती आंखों से सपन सलोना ।
दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है
इस तैयारी पुरजोर थी ।
उत्थान उत्कर्ष तकनीकी की है ये पराकाष्ठा।
मानव मस्तिष्क सकारात्मक राह जो पकड़े,
फिर क्या मजाल जो कोई कोई नियम या बाधा उसको जकड़े।
है वैज्ञानिक अपने कमाल के,
मचाया विश्व में है आज धमाल ।
किया असंभव को संभव,
है ये संदेश विश्व को
सोच नयी जोश नया,राह नयी ,सफल अखण्ड नेतृत्व ने दी है भूख नयी
कलाम की सोच को सलाम,
वैज्ञानिकों के जोश को सलाम।
दिया है सम्पूर्ण विश्व को नया पैगाम ,
हम से ही है हर निशान इस जहां में बाकी
हम सा ना दूजा कोई देखो चंदा को भी चूम के घूम आये।
चंदा के पास हम बहनों की
हिंदुस्तानी राखी ,
देखो चंद्र यान 3 ने दी पहुंचा।
जश्न मनेगा कुछ और नये कदम बढ़ाएंगे,
चलो चांद से अब हम सब मिलने जाएंगे ।
हर हृदय दे रहा बधाई हर उर कंठ से निकल रही बस यही आवाज,
वाह वाह है हम नतमस्तक अपने वैज्ञानिकों के शतत प्रयास और अखण्ड अटूट विश्वास का।
भारत की इस कीर्तिमान का परचम हर ओर लहरायेगा,
यशगान की चर्चा अर्चा चहुंओर गूंजेगी।
जय हिन्द जय भारत

स्वरचित
शब्द मेरे मीत
डाक्टर महिमा सिंह