Monday, March 4, 2024
साहित्य जगत

स्वतंत्र लेखन मंच का प्रथम वार्षिकोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया

एक वर्ष पूर्व दिनांक 15.08.2022 को विनोद वर्मा “दुर्गेश” तथा डॉ. दवीना अमर ठकराल ने मिलकर स्वतंत्र लेखन मंच: अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम की स्थापना की थी।
स्वतंत्र लेखन मंच: अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम, की प्रथम वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में पाँच दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
दिनांक 11 तथा 12 अगस्त 2023 को एकल काव्य पाठ का आयोजन रखा गया था। जिसका शुभारम्भ दिनांक 11 अगस्त 2023 को मंच की संयोजिका व अध्यक्षा तथा प्रमुख रचनाकारा डॉ. दवीना अमर ठकराल के ओजस्वी उद्बोधन से प्रातः 10:15 पर हुआ। जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे 15 अगस्त 2022 को बोया गया पौधा धीरे-धीरे बड़ा होकर अब पुष्पित व पल्लवित हो रहा है।
11 बजे से अनवरत एकल काव्य पाठ का आयोजन किया गया। काव्य पाठ का शुभारम्भ पटल की सुरों की साम्राज्ञी और उभरती हुई कवयित्री एकता गुप्ता “काव्या” के द्वारा किया। तत्पश्चात इन्हीं की बहन अमिता गुप्ता “नव्या” ने अपनी सुमधुर आवाज से समा बांध दिया। इनके बाद क्रमशः अंकित रावत, अशोक दोशी, सुरेशचन्द्र जोशी, डॉ.पूर्णिमा पाण्डेय, नीरजा शर्मा, फूलचन्द्र विश्वकर्मा, सुनील भारती आजाद, अरुण ठाकर ,कुसुमलता, वरिष्ठ सहित्यकारा स्वर्णलता सोन , सिद्धि डोभाल व रीता झा के द्वारा काव्यपाठ किया गया। 11 अगस्त के एकल काव्य पाठ का समापन अनीता राजपाल के द्वारा किया गया। 12 अगस्त, 2023 को मंच की संयोजिका व अध्यक्षा दवीना अमर ठकराल के आशीर्वचनों के साथ पुनः प्रातः 09 बजे एकल काव्य पाठ प्रारंभ हुआ। 12 अगस्त को एकल काव्यपाठ करने वाले 14 रचनाकार विशु तिवारी, संजीव भटनागर, अनु तोमर, सुमन किमोठी, अनामिका मिश्र, जया त्रिपाठी मिश्रा, डॉ० पूनम सिंह, नीतू गर्ग, कंचन वर्मा, संगीता चमोली, रीता झा , कृष्ण कान्त मिश्र, आशा बुटोला, संतोषी किमोठी वशिष्ठ थे।
संतोषी किमोठी वशिष्ठ के काव्यपाठ के बाद दवीना अमर ठकराल जी के द्वारा 11 व 12 अगस्त दोनों दिनों के काव्यपाठ की समीक्षा की गई। इस तरह 28 घंटे चले काव्य पाठ का समापन हुआ।
आयोजन के दूसरे चरण में 13 व 14 अगस्त 2023 को “एक वर्ष का सफर स्वतंत्र लेखन मंच के साथ” विषय पर गीतात्मक वीडियो आमंत्रित किये गए थे। इनमें 28 रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
आयोजन के तीसरे चरण में 77वें स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त 2023 को “राष्ट्र प्रथम सदैव प्रथम” थीम पर “क्या पाया क्या खोया” विषय पर छन्दमुक्त कविताएँ आमंत्रित की गई थीं। इसी दिन सायंकाल 6 बजे आभासी कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
आभासी कार्यशाला का शुभारम्भ स्वतंत्र लेखन मंच के संस्थापक प्रबुद्ध रचनाकार विनोद वर्मा दुर्गेश के द्वारा किया गया। मंच का संचालन दवीना अमर ठकराल व अनीता राजपाल के द्वारा किया गया। आभासी कार्यशाला में मंच के 14 रचनाकारों ने देशभक्ति से परिपूर्ण कविता व गीत की सुमधुर प्रस्तुति दे कार्यक्रम व वातावरण को देशभक्ति पूर्ण बना दिया। कार्यशाला का समापन रात्रि 8: 30 पर हुआ।
सभी प्रतिभागियों को विभिन्न प्रमाण पत्रों से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त दवीना अमर ठकराल ने सभी रचनाकारो के घर पर “एक मेडल” व “काव्य शिरोमणि” सम्मान पत्र कूरियर से प्रेषित किया, जिसे पाकर रचनाकार बहुत प्रसन्न थे। इस प्रकार स्वतंत्र लेखन मंच के प्रथम वार्षिकोत्सव का पाँच दिवसीय आयोजन बहुत सफल रहा तथा सभी रचनाकरों ने इसमें बहुत बढ़चढ़कर हिस्सा लिया व आनन्द उठाया।