Tuesday, February 27, 2024
बस्ती मण्डल

पत्नी के इलाज में मनमानी का आरोपः पति पंकज ने किया डा. शिवांगी चौधरी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग

बस्ती । कोतवाली थाना क्षेत्र के भैसहिया निवासी पंकज की पत्नी पूनम के इलाज में ओपेक चिकित्सालय कैली में तैनात डाक्टर शिवांगी चौधरी द्वारा इलाज में लापरवाही का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विभागीय जांच मंे डाक्टर शिवांगी चौधरी को निर्दोष बताये जाने के बाद पूनम के पति पंकज ने उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश मेडिकल कांउसिल, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के साथ ही जिलाधिकारी बस्ती को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर न्याय दिलाने की मांग किया है। पत्र में पंकज ने कहा है कि उनकी पत्नी की स्थिति अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं है। डाक्टर राजेश पासवान जो जांच कमेटी में थे उनके यहा निजी रोडबेज के निकट जब पूनम का गत 10 जुलाई को अल्ट्रासाउन्ड कराया गया तो डा. पासवान ने बताया कि संक्रमण अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है और पुनः आपरेशन कराना पड़ सकता है। पंकज ने समूचे मामले में डाक्टर शिवांगी चौधरी के विरूद्ध नामजद मुकदमा पंजीकृत कर न्याय दिलाने की मांग किया।
पंकज ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा है कि तंत्र डॉक्टर शिवांगी चौधरी को बचाने में लगा है और उनका मुकदमा तक पंजीकृत नहीं किया गया। ज्ञात रहे कि पंकज ने अपनी पत्नी पूनम उम्र 30 वर्ष को बच्चेदानी के ऑपरेशन कराने हेतु डॉक्टर शिवागी को गत 18 अप्रैल 2023 दिखाया था, डॉक्टर शिवांगी चौधरी द्वारा समस्त जाचों को कराते हुए 19 अप्रैल 2023 को ऑपरेशन किया गया। 26 अप्रैल 2023 तक डॉक्टर शिवांगी चौधरी की देखरेख में इलाज हुआ। डॉक्टर शिवांगी चौधरी के कहने पर चिकित्सक द्वारा टाका काटा गया तथा उनके द्वारा कहा गया कि आपका टाका सही है और आप घर जा सकती हैं । वह घर जाने की तैयारी कर ही रही थी. तभी उसके पेट से बदबूदार रिसाव आने लगा। डॉक्टर शिवांगी चौधरी द्वारा पुनः ऑपरेशन किया गया और बताया गया कि इनके पेट से लगभग दो लीटर से ज्यादा पस निकला है और काफी मात्रा में इंफेक्शन फैल गया है ऐसे में पूनम को भर्ती रहना पड़ेगा, 12 मई 2023 को फिर से पूनम को डिस्चार्ज किया गया तथा कहा गया कि पूनम पूरी तरीके से स्वस्थ है और वह घर जा सकती है डॉक्टर शिवाजी चौधरी द्वारा दवाइयों को लिखते हुए डिस्चार्ज किया गया। 18 मई पूनम के पेट में दर्द होने के कारण डॉक्टर शिवांगी चौधरी को दिखाया उनके द्वारा दवा लिखकर कहा गया कि टाका सूख रहा है। इसलिए दर्द हो रहा है यह दर्द लगभग 3 महीने तक होगा बाद में धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। उसे दर्द बना रहा तो 21 मई को केयर डायग्नोस्टिक सेंटर, रानी लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स में अल्ट्रासाउंड करवाया गया। अल्ट्रासाउंड के डॉक्टर ने बताया कि पूनम के पेट में अभी भी इफेक्शन है। उनके द्वारा कहा गया कि जिस डॉक्टर ने आप का ऑपरेशन किया है उनको एक बार दिखा लीजिये। पूनम की स्थिति बिगड़ती जा रही थी तो उसे किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के लिए रेफर कर दिया जहां किसी तरह से उसकी जान बची। पंकज ने पत्र में कहा है कि डा. शिवांगी चौधरी ने उनके पत्नी के इलाज में घोर लापरवाही किया और उसकी जान भी जा सकती थी। किसी और मरीज के साथ ऐसी घटना न हो इसलिये उनके विरूद्ध मुकदमा पंजीकृत कर दण्डित किया जाय। पंकज ने चेतावनी दिया है कि यदि मामले में न्याय न मिला तो वे सक्षम न्यायालय में जायेंगंे क्योेकि प्रकरण में पूरी तरह से लीपापोती की जा रही है।