Monday, March 4, 2024
साहित्य जगत

डा. वी.के. वर्मा कोे ‘राष्ट्रीय साहित्य साधक सम्मान’ साहित्यिक योगदान पर विमर्श

बस्ती । प्रसिद्ध समाजसेवी, वरिष्ठ चिकित्सक, साहित्यकार डा. वी.के. वर्मा को उनके साहित्यिक योगदान के लिये कला भारती संस्थान द्वारा बुधवार को राष्ट्रीय साहित्य साधक सम्मान से सम्मानित किया गया।
कलेक्टेªट परिसर में आयोजित एक परिचर्चा संगोष्ठी में डा. वी.के. वर्मा के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डालते हुये मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम नरेश सिंह ‘मंजुल’ ने कहा कि ‘मानवता के स्वर, काव्य मुखी, युग चित्र, भावानुभूति, काव्य सौरभ, ‘भाव मन्थन’ काव्य संग्रह एवं लघु कथा संग्रह ‘सोच, कहानी संग्रह उत्कर्ष एवं ‘कोविड 19 काव्य संग्रह’ जैसी कृतियों की रचना सहज कार्य नहीं है। डा. वर्मा ने चिकित्सक और साहित्यकार दोनों सन्दर्भो में स्वयं को सिद्ध किया है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुये वरिष्ठ साहित्यकार डा. रामकृष्ण लाल ‘जगमग’ ने कहा कि डा. वर्मा का व्यक्तित्व बहु आयामी है। वे व्यस्ततम क्षणों में साहित्य के लिये जो योगदान कर रहे हैं निश्चित रूप से वह सराहनीय है। इतने कम समय में 9 कृतियों की रचना बड़ी उपलब्धि है।
डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि वे जिन स्थितियों को अनूभूत करते हैं उसे काव्य में ढालने की कोशिश करते हैं। अति शीघ्र तथागत गौतम बुद्ध पर उनका महाकाव्य पाठकांे के समक्ष होगा।
वरिष्ठ कवि सत्येन्द्रनाथ मतवाला, पं. चन्द्र बली मिश्र ने कहा कि साहित्य के क्षेत्र में डा. वी.के. वर्मा पाठकों में अमिट छाप छोड़ रहे हैं। निश्चित रूप से वे एक चिकित्सक और साहित्य साधक दोनों मोर्चो पर सफल है। उनसे नई पीढी को काफी अपेक्षायें हैं। कार्यक्रम में सुरेन्द्रनाथ ओझा, दीपक सिंह प्रेमी, असद वस्तवी, श्याम प्रकाश शर्मा, बी.के. मिश्र, पेशकार मिश्र, बाबूराम वर्मा, नवनीत पाण्डेय, राघवेन्द्र शुक्ल, दीपक सिंह प्रेमी, दीनानाथ, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, अजमत अली सिदद्दीकी, विनय मौर्य, जय प्रकाश गोस्वामी आदि डा. वी.के. वर्मा के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला।