Saturday, July 20, 2024
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सीबीएसई मैनेजर एसोसिएशन के निजी विद्यालयों के प्रबन्धकों, शिक्षकों ने किया सहयोग का आवाहन

स्ती । सीबीएसई मैनेजर एसोसिएशन के सदस्यों,प्रबन्धकों, शिक्षकों ने मंगलवार को यूनिक सांइस एकेडमी में पत्रकारों से वार्ता करते हुये शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं, बिगड़ती आर्थिक स्थिति आदि के सवालों पर अपना दुःख साझा किया। पत्रकारों से वार्ता करते हुये प्रदेश संगठन मंत्री अनूप खरे ने कहा कि कोविड 19 के कारण सभी शैक्षणिक संस्थान बंद है, वे कब खुलेंगे कुछ पता नही है। सरकार द्वारा भी इस सम्बन्ध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया गया है। ऐसे में अभिभावकों के आर्थिक संकट को देखते हुये निजी विद्यालयों के प्रबन्धकों ने ट्रांसपोर्ट शुल्क, स्पोटर्स, लाइब्रेरी आदि का शुल्क न लिये जाने का निर्णय लिया है। विद्यालयांे के प्रबन्धकों ने शिक्षक दिवस से पूर्व विशेषकर समर्थ और सरकारी कर्मचारियोें से गुरू दक्षिणा के रूप में फीस जमा करने का आग्रह किया जिससे निजी विद्यालय संकटकाल में भी बेहतर शिक्षा देना जारी रखे।
एसोसिशएन जिलाध्यक्ष जे.पी. तिवारी एवं सन्तोष श्रीवास्तव ने कहा कि कठिन समय में छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को देखते हुये ऑन लाइन क्लास का संचालन जारी है, शिक्षक दो गुनी मेहनत कर रहे हैं इसके बावजूद केवल 10 प्रतिशत अभिभावक ही फीस जमा कर रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश विद्यालय कर्ज में डूबे हैं। अधिकांश विद्यालयों ने बैंको से ऋण ले रखा है, ऐसे में प्रदेश सरकार को सहयोगी रूख अपनाते हुये निर्णय लिया जाना चाहिये। महामंत्री शैलेष चौधरी एवं जे.पी. सिंह ने शिक्षकों को राहत देने की मांग किया। जगदीश मिश्रा ने कहा कि समर्थ अभिभावकों को फीस जमा करना चाहिये।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने एक स्वर से मांग किया कि निजी विद्यालयों के शिक्षकों को सरकार मानदेय दे और बिजली के बिल को माफ किया जाय, बैंकों को निजी विद्यालयों को ऋण देने हेतु निर्देशित किया जाय। निजी विद्यालयों के इस सत्र के सभी हाउस, वाटर आदि टैक्स माफ किया जाय। शिक्षकांें प्रबन्धकों धीरेन्द्र शुक्ल, अशोक शुक्ल, विनय चौधरी, अनिल जायसवाल, अरूण यादव राजाराम यादव, अरूण वर्मा, सुखराम चौधरी आदि ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि शिक्षक दिवस 5 सितम्बर से पूर्व उनकी मांगो को सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाय।