Sunday, July 21, 2024
खेल

राष्ट्रपति ने किया राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 के तहत खिलाडिय़ों को सम्मानित

सोनीपत,| इन्दु/नवीन बंसल (राजनीतिक संपादक) राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि चयनित खिलाडिय़ों को विडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से सांकेतिक रूप में विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा। कार्यक्रम के सीधा प्रसारण में सोनीपत में तीन खिलाड़ी वर्चुअली शामिल हुए, जिन्हें अलग-अलग खेल पुरस्कार प्रदान किये गये। इनमें पर्वतारोही अनीता कुंडू तथा कबड्डी खिलाड़ी दीपक और कबड्डी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह शामिल रहे।
युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 समारोह का आयोजन किया गया। कोविड-19 के चलते समारोह का आयोजन वर्चुअल रूप में किया गया। सोनीपत के लघु सचिवालय में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। यहां छह खिलाडिय़ों को शामिल होना था, लेकिन समारोह में तीन खिलाड़ी ही शामिल हो सके। जबकि दो खिलाड़ी व एक कोच समारोह का हिस्सा नहीं बन सके।
समारोह में वर्चुअल रूप में शामिल खिलाडिय़ों में अनीता कुंडू, दीपक और मनप्रीत सिंह शामिल रहे। उपायुक्त श्याम लाल पूनिया ने सोनीपत में कार्यक्रम में शामिल होकर सम्मानित खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से स्वर्णिम भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। अत: युवाओं को पढ़ाई के साथ खेलों में भी बढ़-चढक़र हिस्सा लेना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सम्मानित खिलाडिय़ों के साथ भी खेल-खिलाडिय़ों व खेल नीति को लेकर विस्तार से चर्चा की।
इस मौके पर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बहालगढ़ सेंटर की निदेशक ललिता शर्मा भी मौजूद थी, जिन्होंने सभी खिलाडिय़ों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री किरेन रीजीजू का विशेष रूप से आभार प्रकट किया। इस अवसर पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुभाषचंद्र, एचसीएस अधिकारी सिद्धार्थ दहिया, डीआईओ सुधा दहिया आदि अधिकारीगण व खिलाडिय़ों के परिजन मौजूद थे।
लैंड एडवेंचर के लिए अनीता देवी कुंडू को मिला सर्वोच्च खेल पुरस्कार:
राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 समारोह के अंतर्गत पर्वतारोही अनीता देवी कुंडू को एडवेंचर के क्षेत्र में दिया जाने वाला सर्वोच्च खेल पुरस्कार तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड प्रदान किया गया। इन्होंने वर्ष-2013 व 2017 और 2019 में विश्व की सर्वोच्च चोटियों माउंट एवरेस्ट तथा माउंट मनासूल को फतह किया। नेपाल व चीन दोनों ही रास्तों से माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने वाली हिंदुस्तान की इकलौती बेटी बनने का गौरव इनको ही मिला है। इन्होंने वर्ष 2018 में विश्व के सातों महाद्वीपों की चढ़ाई शुरू करते हुए एशिया के माउंट एवरेस्ट, अफ्रीका की किलिमंजारो, यूरोप की एलबुर्स, अंटार्कटिका की विनसन मासिफ, दक्षिणी अमेरिका की अकांकागुवा, ऑस्ट्रेलिया की कारस्टेंस पिरामिड शिखर को फतह किया। जबकि उत्तरी अमेरिका की देनाली के शिखर से मात्र 100 मीटर दूर ही बर्फीले तूफान का सामना किया। इस मौके पर अनीता ने कहा कि उनका यह पुरस्कार साहस की श्रेणी में आता है अत: वे अपना यह पुरस्कार अपने फौजी भाइयों को समर्पित करती हैं, जिनकी बदौलत सभी देशवासी सुरक्षित हैं।
कबड्डी खिलाड़ी दीपक को नवाजा गया अर्जुन पुरस्कार से:
राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 समारोह में कबड्डी के प्रतिभावान खिलाड़ी दीपक को अर्जुन पुरस्कार से नवाजा गया। उन्होंने एशियन कबड्डी चैंपियनशिप में वर्ष 2017 में स्वर्ण पदक झटका था तथा 2018 में वे कांस्य पदक विजेता रहे। कबड्डी विश्व कप-2016 में भी वे स्वर्णिम पताका फहरा चुके हैं। इनके साथ ही उनके खाते में कबड्डी खेलों की कई अन्य उपलब्धियां शामिल रही।
मनप्रीत सिंह को मिला ध्यान चंद पुरस्कार:
कबड्डी के बेहतरीन खिलाड़ी होने के साथ कोच की भूमिका निभाने वाले मनप्रीत सिंह को राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 समारोह में ध्यानचंद अवॉर्ड से सुशोभित किया गया। वे विश्व कप कबड्डी और एशियाई खेलों में जलवा बिखेर चुके हैं। दसवें एशियाई खेलों में वे स्वर्ण पदक विजेता रहे हैं। खेल से सन्यास लेने के बाद वे कोच की भूमिका निभा रहे हैं। कबड्डी के क्षेत्र में उनके खाते में उपलब्धियां भरी हुई हैं।
समारोह में हिस्सा लेने से वंचित रहे खिलाडिय़ों को मिले विभिन्न पुरस्कार:
राष्ट्रीय खेल और साहस पुरस्कार-2020 समारोह में शामिल होने से वंचित रही खिलाडिय़ों व कोच को विभिन्न पुरस्कारों से नवाजा गया। इनमें दमदार एवं प्रतिभाशाली पहलवान विनेश फोगाट तथा हॉकी की बेहतरीन खिलाड़ी दीपिका और कुश्ती कोच ओमप्रकाश दहिया शामिल रहे। विनेश फोगाट को राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया तथा दीपिका को अर्जुन अवॉर्ड प्रदान किया गया। कोच ओमप्रकाश दहिया को द्रौणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।