Sunday, April 14, 2024
उत्तर प्रदेश

बिजली विभाग का निजीकरण टला, हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटे कर्मचारी

लखनऊ। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों में हाहाकार मच गया। कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन बद से बदतर हुए हालात के मद्देनज़र यूपी सरकार ने निजीकरण का फैसला फिलहाल तीन महीने के लिए टाल दिया है। इसके साथ ही कर्मचारियोंं ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी। कहा जा रहा है कि अब इन तीन महीनोंं कोई न कोई समाधान खोज लिया जाएगा।
बताते चलें कि सरकार और बिजली कर्मचारी संयुक्त परिषद के बीच पांच बिंदुओं पर सहमति बनी है। तय हुआ है कि फिलहाल बिजली विभाग का निजीकरण नहीं होगा। यदि कभी निजीकरण हुआ तो पहले बिजली विभाग के इंजीनियरों और कर्मचारियों की सहमति ली जाएगी। इसके अलावा अगले 15 जनवरी 2021 तक लगातार समीक्षा होगी। इसके साथ ही विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करने, राजस्व वसूली बढ़ाने और बिलिंग सिस्टम को दुरुस्त करने में भी बिजली कर्मचारी संयुक्त परिषद अपनी भूमिका निभाएगा। इस बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद बिजली कर्मचारी संयुक्त परिषद ने हड़ताल खत्म की घोषणा की। इसके बाद सभी कर्मचारी काम पर लौट गए।