Wednesday, July 24, 2024
बस्ती मण्डल

पांच अक्टूबर से पूर्ण बहिष्कार करेंगे अभियंता

बस्ती ।पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने की हो रही तैयारी से यहां अभियंताओं व कर्मचारियों में दिन-ब-दिन आक्रोश बढ़ता जा रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति बस्ती के बैनर तले चल रहा ध्यानाकर्षण विरोध-प्रदर्शन 29 वें दिन भी जारी रहा। मुख्य अभियंता कार्यालय पर एकत्र जिले भर के अभियंताओं ने कहा कि निजीकरण के विरोध में सभी अधिकारी/कर्मचारी नियमित संघर्ष कर रहे हैं।
अध्यक्षता संजोयक अशर्फी लाल व संचालन रामसहाय ने किया। संयोजक ने कहा कि अगर सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती है तो केंद्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर सभी कर्मचारी पांच अक्टूबर से सुबह 10 बजे से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। राम इकबाल प्रसाद ने कहा कि पूर्व में भी ऊर्जा विभाग द्वारा अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ाई लड़ी गई है, आगे भी लड़ी जाएगी। पेंशनर कुरबान अली ने कहा कि सभी पेंशनर्स कुर्बानी देने को तैयार हैं। गजेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि निजीकरण हमारे अस्मिता पर प्रश्न चिह्न है। अरुण कुमार उपाध्याय, अमर सिंह, आशुतोष लाहिड़ी, घनेंद्र सिंह, अली अहमद, प्रियंका शाह ने संबोधित किया। कहा कि संशोधन बिल 2020 राज्यों के अधिकार का हनन है और संविधान का अपमान है। 11 राज्यों ने अधिनियम का विरोध किया है। बिजली विभाग का निजीकरण उपभोक्ता के हित में है न कर्मचारियों के हित में है, इसलिए संघर्ष समिति निजीकरण का पुरजोर विरोध करेगी। मनोज कुमार यादव, आनंद गौतम, बलवीर यादव, अभिषेक कुमार, अभिषेक कुमार ओझा, हेमंत सिंह, संतोष कुमार, जितेंद्र मौर्य , विजय सिंह कुशवाहा, विजय कुमार, मानस भल्ला, राघवेंद्र द्विवेदी, सलमान खान, दुर्गेश नंदन श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।