Tuesday, April 16, 2024
उत्तर प्रदेश

यूपी में दंगा भड़काने की थी साजिश, खुफिया रिपोर्ट में खुलासा

लखनऊ। हाथरस में दलित युवती से हैवानियत के बाद चल रहे हंगामे के बीच खुफिया विभाग ने योगी सरकार को एक रिपोर्ट भेजी है। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट में योगी सरकार के खिलाफ साजिश रचने के सुराग मिले हैं। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश भी रची गई थी। इसके लिए बाकायदा फंडिंग की बात भी सामने आई है। दंगे भड़काने के लिए अफवाहों और फर्जी सूचनाओं का सहारा लिया गया। ये भी कहा जा रहा है कि साजिश में पीएफआई, एसडीपीई और सरकार के निशाने पर रहे माफियाओं की मिलीभगत के ठोस सबूत मिले हैं। इस मामले में यूपी सरकार की ओर से एफआईआर दर्ज की गई है।

हाथरस में 14 सिंतबर को 19 साल की दलित युवती से कथित रूप से गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया। कहा गया कि युवती की जीभ काट दी गई और उसकी रीढ़ की हड्डी पर तोड़ दी गई। 15 दिनों तक मौत से जंग लड़की युवती की दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई। हाथरस पुलिस ने पीड़िता के शव का जबरन अंतिम संस्कार भी करा दिया। इसके बाद से ही यूपी की योगी सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई। जगह-जगह विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और कैंडिल मार्च निकाले जाने लगे। शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी हाथरस पहुंचे थे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी।

अब खुफिया रिपोर्ट में ये बात सामने आ रही है कि युवती से गैंगरेप, उसकी जीभ काटने और उसकी रीढ़ की हड्डी तोड़ने से जुड़ी अफवाह फैलाई गई, जिससे प्रदेश में नफरत की आग भड़काई जा सके। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। चंडीगढ़ की लड़की की तस्वीर को हाथरस की बेटी की बता कर वायरल किया गया. एक बड़े चैनल के स्क्रीन शॉट में छेड़छाड़ करके तैयार किए गए नफरत भरे पोस्टर मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। सीएए को लेकर हुए उपद्रव में शामिल रहे संगठनों की भूमिका के भी सबूत मिले हैं। उपद्रवियों के पोस्टर लगाए जाने, उपद्रवियों से वसूली कराए जाने और घरों की कुर्की कराने जाने की सीएम योगी की कार्रवाइयों से परेशान तत्वों ने बड़ी साजिश रची। इस मामले में यूपी साइबर सेल ने केस दर्ज करते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगी है।

हाथरस के पीड़ित परिवार को सरकार के खिलाफ भड़काने की साजिश का भी खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि पुलिस को सबूत के तौर पर कई ऑडियो टेप मिले हैं। जांच एजेंसियों इसकी जांच कर रही हैं। इस टेप में कुछ राजनीतिक दलों के साथ ही कुछ पत्रकारों की भी आवाज शामिल है। इन ऑडियो टेप से पीड़ित परिवारों को सरकार के खिलाफ भड़काने के लिए 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक का लालच दिया गया है। ऑडियो टेप में ये भी खुलासा हुआ है कि एक महिला पत्रकार ने सीएम योगी आदित्यनाथ से पीड़ित परिवार की बातचीत के तुरंत बाद परिवार को भड़काते हुए कहा कि अगर सीएम की बात मान ली तो पुलिस उल्टे तुम्हें ही अपराधी साबित कर देगी। ऑडियो टेप की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आते ही जांच एजेंसियां भड़काने वालों का पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट की तैयारी में जुटी हैं।