Saturday, July 20, 2024
उत्तर प्रदेश

हाथरस कांड: योगी सरकार के एक्शन से नाराज हुआ IPS एसोशिएशन, पूछा- डीएम पर कार्रवाई क्यों नहीं?

लखनऊ।  हाथरस कांड को लेकर पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है। बॉलीवुड से लेकर विपक्ष तक सोशल मीडिया और सड़कों पर उतरकर प्रदेश की योगी सरकार की आलोचना कर रहा हैं। वहीं, अब हाथरस जिले में एकतरफा कार्रवाई से आईपीएस एसोसिएशन भी नाराज है। दरअसल, हाथरस के मामले में सिर्फ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, जबकि पीड़िता के परिजन डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार पर गंभीर आरोप लगा रहे है। तो वहीं, इस संबंध में आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने यूपी आईपीएस एसोसियेशन से अपील की है कि वह हाथरस के जिलाधिकारी को निलंबित किए जाने के लिए हस्तक्षेप करे।

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने यूपी एसोसिएशन तथा सेंट्रल आईपीएस एसोसिएशन को भेजे पत्र में कहा कि पुलिस अफसरों पर कार्यवाही अपेक्षित थी, लेकिन साथ ही इस मामले में डीएम हाथरस प्रवीण कुमार लक्षकार के खिलाफ भी अत्यंत प्रतिकूल तथ्य मीडिया व सोशल मीडिया से सामने आ रहे हैं, जिसमे उनके द्वारा व्यक्तिगत रूप से पीड़िता के परिवार को धमकी देने जैसे गंभीर आरोप तक शामिल हैं। पत्र में उन्होंने आईपीएस एसोसिएशन को इन तथ्यों को शासन को अवगत कराते हुए विभिन्न सेवाओं में समानता एवं न्याय के सिद्धांत के अनुसार इस प्रकरण में मौजूदा डीएम हाथरस के विरुद्ध भी निलंबन सहित अन्य समतुल्य कार्यवाही किये जाने के लिये पत्राचार करने का अनुरोध किया है।

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के पत्र के बाद आईपीएस एसोसिएशन की नाराजगी भी सामने आई है। आजतक की खबर के मुताबिक, एसोसिएशन का कहना है कि जब एसपी पर कार्रवाई हो सकती है तो डीएम पर क्यों नहीं? अगर कोई लापरवाही हुई है तो अकेले पुलिस महकमा कैसे जिम्मेदार है? जबकि आदेश प्रशासनिक होते हैं और पुलिस महकमा उसे लागू करवाता है। दरअसल, हाथरस मामले में एसपी, डीएसपी पर गाज गिरी थी। दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था। इसके अलावा, आदेश दिया गया था कि सभी का नारको पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मौजूदा एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और कुछ अन्य के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। एसआईटी की रिपोर्ट में हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर पर लापरवाही का आरोप लगा था। वहीं हाथरस कांड में जिलाधिकारी प्रवीण कुमार भी सवालों के घेरे में हैं। पीड़िता के परिवार ने डीएम पर धमकाने और दबाव डालने का आरोप लगाया है। पीड़िता के भाई का कहना था कि हमने कौन सा जुर्म किया है जो हमारे साथ इतनी ज्यादा बदतमीजी हो रही है। इतनी ज्यादा बदसलूकी हमारे साथ क्यों हो रही है? उन्होंने डीएम को हटाए जाने की भी मांग की है।