Sunday, April 21, 2024
साहित्य जगत

विश्व पर्यटन दिवस पर कुंडली

भ्रमण करो नित मिलेगा तुमको ज्ञान सटीक।
स्थल है पर्यटन के जग में अति रमणीक।
जग में अति रमणीक हृदय को खूब सुहाते।
जीवन यूं ही कटता जाता हंसते गाते।
कह “वर्मा” कवि गजब प्राकृतिक छटा सुहानी।
करो बुढ़ापे में भी अब एहसास जवानी।
यह सच है पर्यटन से मिलती खुशी अपार।
मन में आते हैं सदा सचमुच नेक विचार।
सचमुच नेक विचार हृदय में खुशियां लाओ।
मनोयोग से विश्व पर्यटन दिवस मनाओ।
कह “वर्मा कविराय” प्यार का पौंध लगाओ।
रोटरी ग्रेटर की सुगंध चहुंदिशि पहुंचाओ।
यही कामना आप सब रहे सदा खुशहाल।
यश कुमकुम से आपका महके मह मह भाल।
रोटरी ग्रेटर की करें सदैव जय जयकार।
इसके माध्यम से करें सेवा शत शत बार।
यह जीवन जो मिला है “वर्मा” है वरदान।
हर प्राणी का कीजिए मान और सम्मान।
डा. वी. के. वर्मा
चिकित्साधिकारी
जिला चिकित्सालय बस्ती