Tuesday, April 16, 2024
उत्तर प्रदेश

28 सितंबर से डीलर के जरिए ही होगा कमर्शियल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में अब प्राइवेट गाड़ियों की तरह कमर्शियल गाड़ियों के भी रजिस्ट्रेशन डीलर के जरिए की होंगे। 28 सितंबर 2020 से पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इसके लिए परिवहन विभाग ने आदेश जारी किए हैं। अब प्राइवेट गाड़ियों की तरह शोरूम से ही डीलर कमर्शियल गाड़ियों का भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएंगे। हालांकि, फिटनेस सहित अन्य तरह के सर्टिफिकेट के लिए अभी भी आरटीओ ऑफिस का ही चक्कर लगाना पड़ेगा। बता दें, अभी तक कमर्शियल वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए आरटीओ ऑफिस जाना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब गाड़ी खरीदने वालों को आरटीओ ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। न्यूज18 की खबर के मुताबिक, गाजियाबाद के एआरटीओ विश्वजीत सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से नया आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत 28 सितंबर 2020 से जिस शोरूम से कमर्शियल गाड़ी खरीदी जाएगी वहीं से ऑनलाइन कागजों को आरटीओ कार्यालय भेजा जाएगा। आरटीओ कार्यालय पेपर्स की जांच करके गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर देगा। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर शोरूम भेज दिया जाएगा और वहीं से गाड़ी मालिक आरसी पेपर ले सकेंगे। बता दें, अभी तक की व्यवस्था में हल्के वाहनों में दो या चार पहिया गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन डीलर प्वांइट से होते थे, लेकिन अब कमर्शियल गाड़ियों की भी इसी तरह रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। एआरटीओ विश्वजीत सिंह बताते हैं कि कोरोना काल में आरटीओ ऑफिस में भीड़भाड़ से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि डीलर कमर्शियल वाहन बेच तो देता था लेकिन बहुत से लोग वाहन का बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही चलाते रहते थे। इससे राज्य सरकार को राजस्व का नुकसान होता था, लेकिन अब डीलर प्वाइंट पर ही रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने से इसकी जिम्मेदारी डीलर पर आ जाएगी। उन्होंने बताया कि डीलर की जवाबदेही तय की गई है कि वह कमर्शियल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन कराए।