Sunday, April 14, 2024
बस्ती मण्डल

दो भागों में बिखरा देश का लोकतंत्र-देवेंद्र श्रीवास्तव

बस्ती। देश का लोकतंत्र दो भागों में बिखर गया है ।जिसकी व्याख्या संगठित लोकतंत्र यानि कि किसी राजनैतिक पार्टी अथवा संगठन से समर्थित लोग है। दूसरे है, बिखरे लोकतंत्र। जिसका मतलब किसी भी राजनैतिक पार्टी,या संगठन से विरक्त लोग है। जो किसी भी योग्य प्रत्याशी का चयन कर समर्थन कर देना। यह कहना है उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव देवेंद्र श्रीवास्तव का।
उन्होंने देश के लोकतंत्र पर आम जनमानस को आगाह करते हुए बताया, कि देशहित संगठित लोकतंत्र के हाथों में सुरक्षित नहीं है। जब तक बिखरे लोकतंत्र से जुड़े हुए लोग राष्ट्रहितों का चिंतन करने आगे नहीं आएंगे, तब तक एक स्वस्थ और ठोस राष्ट्र की कल्पना का अभाव हमेशा रहेगा। अपनी वार्तालाप में प्रदेश सचिव ने स्वतंत्र चेतना को बताया कि असंगठित लोकतंत्र के वर्चस्व में आते ही हमारे दलबदल में विश्वास रखने वाले नेतृत्व स्वतः धराशाई हो जाएंगे। जो देश में स्वस्थ और स्वतंत्र लोकतंत्र के महारोग हैं।