Tuesday, June 25, 2024
बस्ती मण्डल

आरोप निराधार! ग्राम पंचायत का विकास देखना है तो कौड़ी कौल खुर्द आइये-प्रमिला वर्मा

बस्ती। विकास खण्ड क्षेत्र कप्तानगंज के कौड़ी कोल खुर्द ग्राम प्रधान प्रमिला देवी पति राम महेश चौधरी पर आए दिनों गांव के लालता प्रसाद चौधरी जो कि आए दिनों मनरेगा घोटाला संबंधी आरोप लगा रहे हैं|
इसकी सूचना मिलने पर ‘बस्ती न्यूज टाइम्स, मार्तण्ड प्रभात न्यूज़’, पहुंची और प्रधान तथा गांव के लोगों से बातचीत की
बात करने पर प्रधान बोले-गांव का विकास करना हमारा कर्तव्य है, और गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास हम करते रहते हैं|
हमारे ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले – पिकोरा बारी,काशीपुर,बेलावजोर, कौड़ी कोल खुर्द में सीमेंट युक्त पक्की सड़कें हैं, अब की बार कौड़ी कोल बुजुर्ग में सिर्मेट युक्त सड़क करने का प्रयास है| गांव के अंतर्गत आने वाली अन्य सड़को पर खड़ाजे लगे है, और कच्ची सड़कों पर मिट्टी डलवाया गई है| प्रधानमंत्री शौचालय योजना के अंतर्गत सभी पात्र लोगों को शौचालय मुहैया कराया गया, इसके साथ ही साथ एक आकर्षक सामूहिक शौचालय निर्माण कार्य किया गया, पंचायत के अंतर्गत सभी को शुद्ध जल पानी की टंकी के द्वारा, सरकारी नल, समय – समय पर बिगड़ी सरकारी नलों को ठीक कराया जाता है, पंचायत के अंतर्गत सरकारी स्कूल पर भी ध्यान दिया गया, जो कि यह इंग्लिश मीडियम हो चुका है, करोना के समय लाल कार्ड धारकों को निशुल्क राशन प्रदान किया गया| जो इच्छुक हैं,जो भी काम करना चाहते है, उन्हें मनरेगा का कार्य भी दिया जा रहा है|
मनरेगा पर आरोप लगाने का मुख्य कारण पर प्रधान का कहना है कि – पिछले 13 सालो से हम प्रधान रह चुके हैं, अब तक हम पर कोई आरोप नहीं लगा | आरोप लगाने का मुख्य कारण यह है, गांव मैं एक सामाजिक पंचायत भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जिस जमीन पर यह बन रहा है, पिछले चकबंदी के अनुसार यह बंजर घोषित कर दिया गया है| इस जमीन को लेकर लालता प्रसाद चौधरी और घुरे ये दोनों इस जमीन पर अपना हक जमाते हैं, जबकि पिछले चकबंदी के अनुसार यह बंजर घोषित हो चुका है, इसी बात को लेकर आए दिनों प्रधान पर मनरेगा व अन्य घोटाला का आरोप लगा रहे हैं|
प्रधान का भी इस पर यह कहना है- यह सब आरोप लगा कर केवल लोगो को भ्रमित किया जा रहा है | बता दे लालता प्रसाद जिस मनरेगा की बात कर रहे हैं, बिना हमारी जानकारी के गलत तरीके से ब्लॉक द्वारा अपडेट कराया गया था, उस पर हस्ताक्षर आदि प्रक्रिया हमारे द्वारा नहीं की गई है, जब हमें इसकी जानकारी प्राप्त हुई , उसे जांच कर हटाने के लिए ब्लॉक पर अनुरोध किया, और दोबारा ऐसा बिना हमारी जानकारी के गलत डाटा आपडेट ना की जाए | ग्राम वासियों से बातचीत से ग्राम वासियों का भी प्रधान के पक्ष में बात कहीं गई| इससे जाहिर होता है ये सब आरोप कुछ हद तक बेबुनियाद है|