Saturday, June 22, 2024
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जीवनदायिनी एंबुलेंस सेवा के प्रदेश अध्यक्ष ने कंपनी पर लगाया आरोप

बस्ती। जीवीके ईएमआरआई 108, 102 व ए एल एस का संचालन 2012 से उत्तर प्रदेश में कर रही है, न अनुबंध शर्तों के तहत सन 2012 से न्यूनतम वेतन दे रही है, और प्रतिदिन 12 घंटे काम लेती है,4 घंटे अतिरिक्त लिए गए कार्य की भी मज़दूरी नहीं देती है, ईपीएफ अकाउंट में अपने मद का धन बचाने के लिए उसमें भी हेराफेरी करती है ,तथा समय पर वेवेज का भुगतान भी नहीं करती, है एंबुलेंस 108 102 एवं ए एल एस के बिल में हेराफेरी के मामले भी थर्ड पार्टी ऑडिट में पकड़े जा चुके हैं, जिसके चलते मजदूर आंदोलन भी होते रहे हैं।
आंदोलन पर सरकार ने अपर श्रमायुक्त लखनऊ की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है, जिस की बैठक 28 अगस्त को हुई, जो कि कंपनी के धन बल के प्रभाव में दबी हुई है, *इसके खिलाफ 21 सितंबर 2020 को 23 ,ए पी सेन, अपर श्रमायुक्त कार्यालय लखनऊ पर धरना दिया जाएगा।* आशय है कि जो कंपनी अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करती आ रही है तथा बिलों के जरिए सरकार के धन को लूटती आ रही है, तथा मजदूरों के लिए बने कानूनों का उल्लंघन कर 2012 से मजदूरों की मजदूरी व ग्रेजुएटी हडपती आ रही है,ब्लैक लिस्टेड टू पुनः ठेका देने के लिए ऐसी शर्ते टेंडर में दी गई हैं कि अन्य ठेका न पढ़ सके, ए एल एस एंबुलेंस के मजदूरों को निकालने की नोटिस वापस लेने तथा सभी मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा दिए जाने को लेकर एन एच एम, डीजी हेल्थ, परिवार कल्याण के यहां भी आंदोलन किया जाएगा।