Saturday, June 1, 2024
बस्ती मण्डल

हिंदी मात्र एक भाषा ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति है –संजय श्रीवास्तव

बस्ती/ हिंदी दिवस के अवसर पर प्रेस क्लब सभागार में सामाजिक दूरी को बनाते हुए कोरोना काल में मिडिया की भूमिका विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि व वक्ता फ़िल्म निर्देशक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि सैकड़ों विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जाती है और विश्व में करोंड़ों लोग हिन्दी बोलते हैं। मौजूदा समय में अमेरिका में लगभग एक सौ पचास से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों में हिन्दी का पठन-पाठन हो रहा। उन्होंने कहा की ‘हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है।
विशिष्ठ अतिथि डॉ वी के वर्मा नें कहा की हिन्दी हमारे राष्ट्र की एकता और अखण्डता की महत्वपूर्ण कड़ी है। कहा की भाषा किसी भी राष्ट्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक धरोहर की संवाहक होती है। यह गर्व का विषय है कि हमारी भाषा बहुत ही समृद्ध और शालीन है। वरिष्ठ पत्रकार व कवि डॉ विनोद कुमार उपाध्याय ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषाओें में हिंदी सबसे प्रमुख भाषा है। राष्ट्रीय कवि राम कृष्ण लाल जगमग नें कहा कि हमें अपने दैनिक व्यवहार में हिन्दी भाषा का अधिक से अधिक उपयोग कर इसके गौरव को बढ़ाने में योगदान देने की जरूरत है।
पुनीत ओझा नें कहा की 14 सितंबर, 1949 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिलने के बाद 1953 से पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाने लगा इसी का परिणाम है पूरे दुनियां में हिंदी नें एक अलग ही पहचान बनाई है जयप्रकाश उपाध्याय नें कहा की हिंदी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज दुनिया में हिंदी चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है दुनिया भर में हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब पचहत्तर से अस्सी करोड़ है वहीँ भारत में करीब 77 प्रतिशत लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं
जितेन्द्र कौशल सिंह नें कहा की हिन्दी के प्रति दुनिया की बढ़ती चाहत का एक नमूना यही है कि आज विश्व के करीब 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है पंकज त्रिपाठी नें कहा की भारत के अलावा नेपाल, मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, यूगांडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा जैसे तमाम देशों में हिंदी बोलने वालों की संख्या अच्छी-खासी है. इसके आलावा इंग्लैंड, अमेरिका, मध्य एशिया में भी इस भाषा को बोलने और समझने वाले अच्छे-खासे लोग हैं
इस मौके पर सोनी, नीलम सिंह, संदीप गोयल, राकेश तिवारी, वशिष्ठ पांडेय, सर्वेश श्रीवास्तव,रजनीश त्रिपाठी, महेंद्र तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, मनोज, रमेश मिश्र, राघवेंद्र सिंह, आशुतोष नारायण मिश्र, विशाल पांडेय, लवकुश सिंह, दिनेश पांडेय, बृहस्पति कुमार पांडेय, राजेश पांडेय, राजेन्द्र उपाध्याय, राम धीरज सिंह, डॉ विनोद कुमार उपाध्याय, सुशील सिंह, डॉ रीता पांडेय, धर्मेंद्र कुमार पांडेय,अजीत श्रीवास्तव, रहमान अली रहमान, सुनील मिश्र, पुनीत ओझा, बबुन्दर यादव, जितेंद्र कौशल सिंह को सम्मानित किया गया।