Wednesday, July 24, 2024
राजनैतिक

अगर देश की अर्थव्यवस्था को किसी ने बचाया है तो वो किसान है : अभय सिंह चौटाला

कुरुक्षेत्र/चंडीगढ़  इन्दु/नवीन बंसल (राजनीतिक संपादक) इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला की अध्यक्षता में इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक कुरुक्षेत्र में आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। केंद्र की सरकार द्वारा कृषि पर लाए गए तीन अध्यादेशों समेत हरियाणा में बढ़ती बेरोज़गारी पर इनेलो नेता ने विस्तार से चर्चा करते हुए कहा की हमारा देश कृषि प्रधान देश है जिसकी 70 फ़ीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। देश का कोई भी प्रदेश ऐसा नहीं है जो आर्थिक सतर पर खेती पर निर्भर ना हो। अगर देश की अर्थव्यवस्था को किसी ने बचाया है तो वो सिर्फ़ किसान है। कोरोना महामारी के दौरान लाकडाउन के कारण देश में सारे उधोग और काम धंधे ठप हो गए थे सिर्फ़ कृषि ही एक ऐसा क्षेत्र था जिसने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई जिस कारण देश की जीडीपी माइनस में होते हुए भी कृषि में क़रीब साढ़े तीन फ़ीसदी की बढ़ोतरी रही। फिर भी किसानों को कैसे बर्बाद किया जाए उस के लिए सरकार तीन अध्यादेश ले आई जो की किसानों का डेथ वॉरंट है। इससे जमाख़ोरी बढ़ेगी और एग्रीमेंट में कोई डिस्प्यूट हो गया तो उसकी ना कोई दलील होगी और ना ही कोई अपील होगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री को केंद्र की सरकार को चिट्ठी लिखनी चाहिए की हरियाणा प्रदेश का किसान इन अध्यादेशों का विरोध कर रहा है इसलिए उन्हें लागू ना किया जाए।
उन्होंने स्वामीनाथन रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार स्वामीनाथन का पूरा फ़ार्मूला लागू कर दे तो किसानों को फ़ायदा होगा और आधा अधूरा लागू करने से किसानों को नुक़सान है।आज मक्का का एमएसपी क़रीब 1850 रुपए प्रति क्विंटल है लेकिन बाज़ार में 600-800 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है वहीं बाजरा का एमएसपी 2100 रुपए प्रति क्विंटल है लेकिन बिक रहा है 800-900 प्रति क्विंटल।
किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर उन्होंने कहा की इस से ज़्यादा शर्म की बात क्या होगी की पुरे प्रदेश ने देखा कैसे बेक़सूर किसानों को लाठियों से बेरहमी से पीटा गया लेकिन प्रदेश के गृहमंत्री नें बेशर्मी से कहा कि लाठीचार्ज हुआ ही नहीं। मुख्यमंत्री को ऐसे नाकाबिल मंत्री को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए और और उनके ख़िलाफ़ मुक़दमे दर्ज करके अंदर करना चाहिए जिसने लाठीचार्ज के आदेश दिए थे।
उन्होंने कहा कि 18 सितम्बर से 21 सितम्बर तक बरोदा हलके के दौरे पर हैं तब तक किसानों पर लगाए गए झूठे मुक़दमे अगर सरकार वापिस नहीं लेती है तो 23 सितम्बर से 22 के 22 ज़िलों पर इनेलो धरना प्रदर्शन करेगी तथा उपायुक्तों के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री व देश के प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि वो इसके लिए कोंग्रेस और अन्य विपक्षी विधायकों को भी निमंतरण देंगे कि आप अगर किसानों के सच्चे हितैषी हैं तो हमारे साथ इस मुहिम का साथ दो।
इनेलो नेता ने विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा की बड़ी हैरानी की बात है कि हुड्डा का एक भी बयान इन अध्यादेशों के ख़िलाफ़ नहीं आया। कोंग्रेस नें केंद्र में इन अध्यादेशों का विरोध तक नहीं किया। कोंग्रेस की दस प्रदेशों में सरकार है और उन्हें चाहिए था की सभी दस प्रदेशों में एक दिन का विधान सभा का सत्र बुलाते और एक लाइन का प्रस्ताव पास करते कि कोंग्रेस शाशित प्रदेश में इन अध्यादेशों को लागू नहीं करेंगे। लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया।
चौधरी देवीलाल की विरासत पर उन्होंने कहा की उनकी विरासत वो अपने चारों बेटों को दे गए थे लेकिन राजनीतिक विरासत उन्होंने चौधरी ओम् प्रकाश चौटाला को सौंपी थी क्यूँकि वो जानते थे की उनकी जन कल्याणकारी नीतियों को अगर कोई आगे बढ़ा सकता है तो वो सिर्फ़ और सिर्फ़ ओम् प्रकाश चौटाला बढ़ा सकते है। इनेलो पार्टी चौधरी देवीलाल का लगाया हुआ पौधा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चौधरी देवीलाल का फ़ोटो लगा कर लोगों को बहकाने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल करते हैं जिन्होंने अपने आप को भाजपा के पास गिरवी रखा हुआ है। उन्होंने अपनी पार्टी का नाम भी जननायक रखा है जबकि वो तो जयचंदों की पार्टी है।
हरियाणा में बढ़ती बेरोज़गारी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए इनेलो नेता ने कहा कि सरकार की ग़लत नीतियों के कारण आज हरियाणा बेरोज़गारी में प्रथम स्थान पर आ गया है। अगर आज इनेलो की सरकार प्रदेश में होती तो बेरोज़गारी नहीं रोज़गार देने में हरियाणा पुरे देश में पहले नम्बर पर होता।
उन्होंने कहा कि हर साल इनेलो 25 सितम्बर को ताऊ देवीलाल की जयंती एक बड़ी रैली करके मानती थी अब क्यूँकि कोरोना महामारी के चलते लाखों लोगों की भीड़ इकठा नहीं हो सकती इसलिए जहां जहां भी ताऊ देवीलाल की मूर्ति लगी है सभी वहाँ जाकर फूल चढ़ाकर अपनी श्रद्धा अर्पित करें।