Tuesday, June 25, 2024
बस्ती मण्डल

चेयरमैन ने लगाया भाजपा नेताओं पर जानमाल की धमकी देने का आरोप

रुधौली, बस्ती। शुक्रवार को रुधौली नगर पंचायत अध्यक्ष ने अपने कार्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिला उपाध्यक्ष, रुधौली विधायक प्रतिनिधि व दो अन्य पर वाद विवाद करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। बताया कि गुरुवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देते हुए मामले में कार्रवाई करने की सिफारिश की।
दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने चेयरमैन द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का खंडन करते हुए अपना भी पक्ष मीडिया के सामने रखा। शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए चेयरमैन धीरसेन निषाद ने बताया कि सात सितंबर को नगर पंचायत के वालेश्वरी नगर वार्ड के एक विवादित प्रकरण में वह व भाजपा नेता रुधौली थानाध्यक्ष के चैबर में आमने-सामने हो गए थे, विवाद को बढ़ता देख थानाध्यक्ष द्वारा दोनों पक्षों को अलग अलग किया गया। जब थाने से निकलकर घर की ओर जा रहे थे तो रास्ते में भाजपा जिला उपाध्यक्ष रवि प्रताप सिंह, रुधौली विधायक प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, सभासद गोपाल सिंह तथा सभासद प्रतिनिधि बिपिन पांडेय ने उन्हें रोककर जान से मारने व देख लेने की धमकी दी।
बताया कि शिकायती पत्र डीजीपी, पुलिस अधीक्षक बस्ती व जिलाधिकारी को दे दिया गया है। दूसरी ओर सभी के ओर से पक्ष रखते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष ने भी मीडिया से मुखातिब होकर सारे आरोपों का खंडन किया। उन्होंने सिर्फ थानाध्यक्ष के चेंबर में हुए सभासद प्रतिनिधि व चेयरमैन के बीच वाद विवाद को होने की बात को स्वीकार किया इसके अलावा उन्होंने सभी आरोपों को फर्जी बताया। नगर पंचायत के बालेश्वरीनगर वार्ड के घनश्याम चौरसिया कस्बे में इलेक्ट्रॉनिक का व्यवसाय करते हैं उनके छोटे भाई महेश चौरसिया की कुछ महीनों पूर्व मौत हो गई, महेश मंदबुद्धि प्रवृत्ति के थे। खेती का पूरा काम घनश्याम देखते थे। महेश की मौत के बाद उप जिलाधिकारी न्यायालय में घनश्याम चौरसिया ने महेश को बिना परिवार का बताते हुए, पूरी संपत्ति को उसका नाम कर देने का दावा पेश किया। जबकि हकीकत में महेश की पत्नी व एक 5 साल का बेटा है।
अपना हक जाते हुए देख कर महेश की पत्नी अनीता ने अपने मायके वालों के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष से उसका हक दिलाने की गुहार लगाई, जिसके बाद चेयरमैन रुधौली द्वारा मामला एसडीएम के संज्ञान में लाया गया और उप जिलाधिकारी द्वारा जांच करवाकर अनीता को महेश की पत्नी बताते हुए उसका हक हिस्सा देने के लिए निर्देशित किया गया। मामले में यह अभी सच सामने आया है कि घनश्याम चौरसिया ने रुधौली थाना अध्यक्ष सुरेंद्र यादव और तहसीलदार प्रमोद कुमार के सामने भी अनीता व उसके बच्चे को महेश की पत्नी मानने से इनकार किया था, इसी प्रकरण में पांच साल के बच्चे के भविष्य को ध्यान में रखते हुए रुधौली थाने पर पंचायत बुलाई गई थी